अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَتَنَزَّلُ: हम (फ़रिश्ते) उतरते हैं
- بِأَمْرِ رَبِّكَ: तुम्हारे रब के आदेश से
- مَا بَيْنَ أَيْدِينَا: जो हमारे सामने है (आख़िरत के मामले)
- مَا خَلْفَنَا: जो हमारे पीछे है (दुनिया के मामले)
- نَسِيًّا: भूलने वाला
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हज़रत जिब्रील अलैहिस्सलाम का वह कथन है जो उन्होंने नबी करीम ﷺ से कहा जब वह कुछ देर से तशरीफ़ लाए। आप ﷺ ने उनसे पूछा कि आपको किस चीज़ ने रोका? तो उन्होंने यह जवाब दिया।
हज़रत जिब्रील अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैं: "हम फ़रिश्ते अपनी मर्ज़ी से या अपनी तरफ़ से नहीं उतरते, बल्कि हम तो सिर्फ़ तुम्हारे रब के हुक्म से उतरते हैं। हम तो मामूर (आदेशित) बंदे हैं। हमारे सामने जो कुछ है — यानी आख़िरत के मामले, और हमारे पीछे जो कुछ है — यानी दुनिया के मामले, और इन दोनों के बीच जो कुछ है — यानी क़ब्र का जीवन और दोबारा उठाए जाने का समय, सब कुछ अल्लाह ही के इख़्तियार में है। वही सब कुछ जानता है और वही सब कुछ नियंत्रित करता है।"
फिर फ़रमाया: "और तुम्हारा रब कभी भूलने वाला नहीं है।" यानी अल्लाह तआला हर चीज़ को याद रखता है, उसकी निग़ाह में कोई चीज़ छोटी या बड़ी नहीं, वह अपने बंदों के हर अमल, हर दुआ, हर ज़रूरत को जानता है और उसे कभी भूलता नहीं। वह जब चाहता है अपने बंदों पर अपनी रहमत से फ़रिश्ते उतारता है, और जब चाहता है उन्हें रोक लेता है — यह सब उसी की हिकमत और मशीयत के मुताबिक़ होता है।
दावती पहलू:
इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ी तसल्ली और सबक़ है। जब हमें यक़ीन हो जाए कि अल्लाह तआला कभी भूलता नहीं, तो हमें अपनी हर दुआ, हर ज़रूरत, हर तकलीफ़ में उसी की तरफ़ रुजू करना चाहिए। वह हमारी हर पुकार सुनता है और हर हाल में हमारे साथ है। फ़रिश्तों का उतरना भी उसी के हुक्म से होता है — यानी पूरी काइनात उसी के इशारे पर चलती है। जब हमें यह एहसास हो जाए कि हमारा रब हर चीज़ पर क़ादिर है और उसे कुछ भी भूलता नहीं, तो हमारा दिल उसकी रहमत से कभी मायूस नहीं होना चाहिए। चाहे जितनी भी मुश्किलें हों, अल्लाह की रहमत और उसका इल्म उससे कहीं बड़ा है। यही ईमान की मिठास है — कि बंदा अपने रब पर पूरा भरोसा रखे और जाने कि उसका रब उसे कभी भूलने वाला नहीं।
📜 आयत 62-66 — मरियम
अनुवाद — मरियम 64
सूरा मरियम आयत 64 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) हम लोग फ़रिश्ते आप के परवरदिगार के…सूरा आयत 64/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 62–66. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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