Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أُولَٰئِكَ (उलाइका): ये लोग, यानी वे जिनका वर्णन पिछली आयातों में किया गया।
- عَلَىٰ هُدًى (अला हुदा): मार्गदर्शन और सत्य के प्रकाश पर हैं।
- الْمُفْلِحُونَ (अल-मुफ़्लिहून): सफलता पाने वाले, कामयाब, जिन्होंने अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया और हर बुराई से बच गए।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में बताती है जो पिछली आयातों में वर्णित गुणों से सुशोभित हैं — यानी वे जो ग़ैब (अनदेखी चीज़ों) पर ईमान रखते हैं, नमाज़ क़ायम करते हैं, जो कुछ हमने उन्हें दिया है उसमें से ख़र्च करते हैं, और उस पर ईमान रखते हैं जो आप पर उतारा गया और जो आपसे पहले उतारा गया, और आख़िरत पर यक़ीन रखते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यही लोग अपने रब की ओर से मिले मार्गदर्शन और सत्य के प्रकाश पर हैं — यानी उन्हें अपने रब की ओर से रोशनी, समझ और सीधा रास्ता मिला है। वे अंधेरे में भटकने वाले नहीं हैं, बल्कि स्पष्ट बुद्धि और दिल की रोशनी के साथ चल रहे हैं। और यही लोग सच्चे सफल हैं — उन्होंने दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी हासिल की है। वे जन्नत पाने में सफल हुए और जहन्नम की आग से बच गए। उन्होंने वह पा लिया जिसकी वे उम्मीद कर रहे थे और उस बुराई से नजात पा गए जिससे वे डर रहे थे। यह सफलता उनके ईमान, अच्छे कर्मों और अल्लाह की तरफ़ से मिले तौफ़ीक़ (सहायता) का नतीजा है।
फ़ायदे (लाभ और सबक):
- ईमान और अच्छे कर्म ही असली कामयाबी का रास्ता हैं — दुनिया में धन, पद या ताकत असली सफलता नहीं है; असली सफलता अल्लाह की राह पर चलने और उसकी मर्ज़ी के मुताबिक़ जीने में है।
- अल्लाह का मार्गदर्शन सबसे बड़ी नेमत है — जब अल्लाह किसी को हिदायत देता है, तो उसका दिल रोशन हो जाता है और वह ज़िंदगी की हर उलझन में सही रास्ता पहचान लेता है।
- सफलता का यक़ीन ईमान की मिठास को बढ़ाता है — जब इंसान को पता हो कि उसकी मंज़िल जन्नत है और वह अल्लाह की राह पर है, तो उसे दुनिया की मुश्किलें और परेशानियाँ हल्की लगती हैं।
- यह आयत मोमिनों को खुशखबरी देती है — कि उनकी मेहनत, उनका ईमान और उनके अच्छे कर्म बेकार नहीं जाएंगे; अल्लाह उन्हें कामयाबी और नजात देगा।
- हिदायत अल्लाह की तरफ़ से है — यह हमें सिखाती है कि हमें अल्लाह से हिदायत माँगनी चाहिए और उसकी तरफ़ से मिली रोशनी की क़द्र करनी चाहिए, क्योंकि यही हमारी दुनिया और आख़िरत की भलाई की कुंजी है।
📜 आयत 3-7 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 5
सूरा अल-बकरा आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यही लोग अपने परवरदिगार की हिदायत पर (आमिल) हैं और…सूरा आयत 5/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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