अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاصْبِرْ: धैर्य रखें, सहन करें।
- وَسَبِّحْ: तस्बीह करें, यानी नमाज़ पढ़ें और अल्लाह की पवित्रता का वर्णन करें।
- بِحَمْدِ رَبِّكَ: अपने रब की प्रशंसा के साथ।
- آنَاءِ اللَّيْلِ: रात के घंटे, रात की सारी अवधियाँ।
- أَطْرَافَ النَّهَارِ: दिन के किनारे, यानी दिन के शुरुआती और आखिरी हिस्से।
- لَعَلَّكَ تَرْضَىٰ: ताकि आप संतुष्ट हो जाएं (इनाम और फज़ल से)।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! जो लोग आपको झुठलाते हैं और आपके बारे में बुरी बातें कहते हैं, उनकी बातों पर धैर्य रखें। उनके तंज़ और इस्तेहज़ा से दिल पर बोझ न आने दें, क्योंकि अल्लाह आपके साथ है और वही सब कुछ देख रहा है। इस मुश्किल घड़ी में सब्र का सबसे बेहतरीन ज़रिया यह है कि आप अल्लाह की तस्बीह करें और उसकी हम्द (प्रशंसा) के साथ नमाज़ अदा करें।
नमाज़ के ये अलग-अलग औक़ात (समय) आपके लिए रूहानी ताकत और सुकून का ज़रिया बनें: सुबह की नमाज़ (फज्र) सूरज निकलने से पहले पढ़ें, और अस्र की नमाज़ सूरज डूबने से पहले। रात के घंटों में मग़रिब और इशा की नमाज़ पढ़ें, और दिन के किनारों में (यानी ज़वाल के बाद) ज़ुहर की नमाज़ अदा करें। ये नमाज़ें आपको हर वक़्त अल्लाह से जोड़े रखेंगी और आपके दिल को मुश्किलों के बावजूद सुकून देंगी।
यह सब्र और नमाज़ ही वह ज़रिया है जिससे आप अल्लाह के करीब होंगे और उसके इनाम से आप ऐसा मुकाम हासिल करेंगे जिससे आप राज़ी (संतुष्ट) हो जाएंगे। अल्लाह का वादा है कि जो उसके हुक्म पर सब्र करता है और उसकी इबादत में मशगूल रहता है, उसे वह ऐसा अज्र (इनाम) देगा जो उसकी उम्मीदों से बढ़कर होगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि जीवन की परेशानियों और लोगों की बुरी बातों का सामना करने का सबसे अच्छा तरीका सब्र और नमाज़ है। नमाज़ हमें अल्लाह से जोड़ती है, हमारे दिल को साफ करती है और हमें मुश्किलों का सामना करने की ताकत देती है। जब हम अल्लाह की तस्बीह करते हैं और उसकी हम्द बयान करते हैं, तो हमारा दिल नूर से भर जाता है और हमें यकीन होता है कि अल्लाह हमारे साथ है। यही सब्र और इबादत हमें उस मुकाम तक पहुंचाती है जहां हम अल्लाह के फज़ल से राज़ी और खुश हो जाते हैं।
📜 आयत 128-132 — ताहा
अनुवाद — ताहा 130
सूरा ताहा आयत 130 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) जो कुछ ये कुफ्फ़ार बका करते हैं तुम…सूरा आयत 130/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 128–132. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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