ताहा · 83/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
۞ وَمَا أَعْجَلَكَ عَن قَوْمِكَ يَا مُوسَىٰ ۝٨٣
Wa maaa a`jalaka `an qawmika yaa Moosa
📖 हिंदी अर्थ
फिर जब मूसा सत्तर आदमियों को लेकर चले और खुद बढ़ आए तो हमने कहा कि (ऐ मूसा तुमने अपनी क़ौम से आगे चलने में क्यों जल्दी की)

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَعْجَلَكَ: किसी चीज़ ने तुम्हें जल्दी करने पर मजबूर कर दिया।
  • عَن قَوْمِكَ: अपनी क़ौम (बनी इस्राईल) से अलग होकर आगे बढ़ जाना।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब मूसा (अलैहिस्सलाम) अपनी क़ौम के सत्तर बुज़ुर्गों को लेकर तूर (पहाड़) की तरफ़ रवाना हुए, तो रास्ते में उन्हें अपने रब की मुनाजात (पास-पास बात करने) का ऐसा शौक़ हुआ कि वे अपनी क़ौम से आगे निकल गए और जल्दी से पहाड़ की तरफ़ बढ़ गए। अल्लाह तआला ने उनसे पूछा: "ऐ मूसा! किस चीज़ ने तुम्हें अपनी क़ौम से पहले आगे बढ़ने पर मजबूर किया? तुमने उन्हें पीछे छोड़ दिया और खुद जल्दी कर गए।"

यह सवाल अल्लाह की तरफ़ से मूसा (अलैहिस्सलाम) के लिए एक नर्मी भरा एहतिबात (ध्यान दिलाने) का ज़रिया था, ताकि वे अपनी जल्दबाज़ी पर ग़ौर करें। मूसा (अलैहिस्सलाम) का यह जल्दी करना उनके रब की मुहब्बत और शौक़ की वजह से था, लेकिन अल्लाह तआला ने उन्हें यह सिखाया कि उम्मत के साथ मिलकर चलना और उनकी रहनुमाई करना भी ज़रूरी है। यहाँ से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह की इबादत और उसकी तरफ़ रुजू' करते वक़्त भी हमें अपने आस-पास के लोगों का ख़याल रखना चाहिए और उन्हें पीछे छोड़कर अकेले आगे नहीं बढ़ जाना चाहिए। अल्लाह तआला अपने नबी से प्यार भरे अंदाज़ में बात कर रहा है, और यही अंदाज़ हमें भी अपने रब से मुहब्बत और अदब के साथ बात करने की तालीम देता है। यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह अपने बंदों की हर हरकत पर नज़र रखता है और उन्हें बेहतर रास्ता दिखाता है।



📜 आयत 81-85 — सूरा ताहा

81كُلُوا مِن طَيِّبَاتِ مَا رَزَقْنَاكُمْ وَلَا تَطْغَوْا فِيهِ فَيَحِلَّ عَلَيْكُمْ غَضَبِي ۖ وَمَن يَحْلِلْ عَلَيْهِ غَضَبِي فَقَدْ هَوَىٰ
और (फ़रमाया) कि हमने जो पाक व पाक़ीज़ा रोज़ी तुम्हें दे रखी है उसमें से खाओ (पियो) और उसमें (किसी क़िस्म की) शरारत न करो वरना तुम पर मेरा अज़ाब नाज़िल हो जाएगा और (याद रखो कि) जिस पर मेरा ग़ज़ब नाज़िल हुआ तो वह यक़ीनन गुमराह (हलाक) हुआ
82وَإِنِّي لَغَفَّارٌ لِّمَن تَابَ وَآمَنَ وَعَمِلَ صَالِحًا ثُمَّ اهْتَدَىٰ
और जो शख्स तौबा करे और ईमान लाए और अच्छे काम करे फिर साबित क़दम रहे तो हम उसको ज़रूर बख्शने वाले हैं
83۞ وَمَا أَعْجَلَكَ عَن قَوْمِكَ يَا مُوسَىٰ
फिर जब मूसा सत्तर आदमियों को लेकर चले और खुद बढ़ आए तो हमने कहा कि (ऐ मूसा तुमने अपनी क़ौम से आगे चलने में क्यों जल्दी की)
84قَالَ هُمْ أُولَاءِ عَلَىٰ أَثَرِي وَعَجِلْتُ إِلَيْكَ رَبِّ لِتَرْضَىٰ
ग़रज़ की वह भी तो मेरे ही पीछे चले आ रहे हैं और इसी लिए मैं जल्दी करके तेरे पास इसलिए आगे बढ़ आया हूँ ताकि तू (मुझसे) खुश रहे
85قَالَ فَإِنَّا قَدْ فَتَنَّا قَوْمَكَ مِن بَعْدِكَ وَأَضَلَّهُمُ السَّامِرِيُّ
फ़रमाया तो हमने तुम्हारे (आने के बाद) तुम्हारी क़ौम का इम्तिहान लिया और सामरी ने उनको गुमराह कर छोड़ा
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
83आयत

अनुवाद — ताहा 83

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सूरा आयत 83/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 81–85. हिंदी अर्थ: اردو.





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Monday, September 28, 2026

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