Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- هُمْ أُولَاءِ — ये लोग मेरे पीछे ही हैं।
- عَلَىٰ أَثَرِي — मेरे निशान पर, मेरे पीछे-पीछे आ रहे हैं।
- وَعَجِلْتُ — और मैंने जल्दी की।
- لِتَرْضَىٰ — ताकि तू (अल्लाह) मुझसे राज़ी हो जाए।
तफ़सीर:
जब मूसा (अल्लाह का शांति उस पर हो) को अपनी क़ौम से मीक़ात (वादे के समय) पर अकेले आने का हुक्म हुआ, तो वे अपनी क़ौम से पहले ही रवाना हो गए। अल्लाह तआला ने उनसे पूछा: "और तेरी क़ौम ने क्या किया, वे कहाँ हैं?" तो मूसा (अल्लाह का शांति उस पर हो) ने अदब और एहतिराम के साथ जवाब दिया: "वे लोग मेरे पीछे ही हैं, मेरे निशान पर चलते हुए आ रहे हैं। मैंने उनसे पहले आपकी तरफ जल्दी की, ऐ मेरे रब! ताकि तू मुझसे राज़ी हो जाए।"
मूसा (अल्लाह का शांति उस पर हो) ने यह साफ़ किया कि मैंने अपनी क़ौम को पीछे नहीं छोड़ा, बल्कि वे मेरे पीछे-पीछे आ रहे हैं, और मेरी जल्दी सिर्फ़ इसलिए थी कि मैं तेरे हुक्म की तामील में सबसे पहले पहुँचूँ और तेरी ख़ुशनूदी हासिल करूँ। यह एक नबी का अपने रब के सामने प्यार भरा अंदाज़ है — वह अपनी जल्दी को इबादत और रज़ा-ए-इलाही का ज़रिया बताता है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह की रज़ा और ख़ुशनूदी हासिल करने के लिए नेक कामों में जल्दी करनी चाहिए। जब हम अल्लाह के हुक्मों को बजा लाने में सबसे आगे होते हैं, तो यह हमारे ईमान की मज़बूती और मुहब्बत की निशानी है। मूसा (अल्लाह का शांति उस पर हो) की यह आदत हमारे लिए नमूना है कि हम भी अच्छे कामों में, इबादत में, और अल्लाह की राह में जल्दी करें — क्योंकि अल्लाह उन लोगों से मुहब्बत करता है जो नेकियों में जल्दी करते हैं।
और यह भी याद रखें कि अल्लाह से बात करने का यह अंदाज़ — अदब, मुहब्बत और इख़लास के साथ — हमें भी अपनी दुआओं में अपनाना चाहिए। जब हम अल्लाह से माँगें, तो उसके सामने अपनी बेबसी और मुहब्बत का इज़हार करें, और उसकी रज़ा को अपना सबसे बड़ा मक़सद बनाएँ। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देगा।
📜 आयत 82-86 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 84
सूरा ताहा आयत 84 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ की वह भी तो मेरे ही पीछे चले आ…सूरा आयत 84/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 82–86. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


