ताहा · 84/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
قَالَ هُمْ أُولَاءِ عَلَىٰ أَثَرِي وَعَجِلْتُ إِلَيْكَ رَبِّ لِتَرْضَىٰ ۝٨٤
Qaala hum ulaaa`i `alaaa asaree wa `ajiltu ilaika Rabbi litardaa
📖 हिंदी अर्थ
ग़रज़ की वह भी तो मेरे ही पीछे चले आ रहे हैं और इसी लिए मैं जल्दी करके तेरे पास इसलिए आगे बढ़ आया हूँ ताकि तू (मुझसे) खुश रहे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • هُمْ أُولَاءِ — ये लोग मेरे पीछे ही हैं।
  • عَلَىٰ أَثَرِي — मेरे निशान पर, मेरे पीछे-पीछे आ रहे हैं।
  • وَعَجِلْتُ — और मैंने जल्दी की।
  • لِتَرْضَىٰ — ताकि तू (अल्लाह) मुझसे राज़ी हो जाए।

तफ़सीर:

जब मूसा (अल्लाह का शांति उस पर हो) को अपनी क़ौम से मीक़ात (वादे के समय) पर अकेले आने का हुक्म हुआ, तो वे अपनी क़ौम से पहले ही रवाना हो गए। अल्लाह तआला ने उनसे पूछा: "और तेरी क़ौम ने क्या किया, वे कहाँ हैं?" तो मूसा (अल्लाह का शांति उस पर हो) ने अदब और एहतिराम के साथ जवाब दिया: "वे लोग मेरे पीछे ही हैं, मेरे निशान पर चलते हुए आ रहे हैं। मैंने उनसे पहले आपकी तरफ जल्दी की, ऐ मेरे रब! ताकि तू मुझसे राज़ी हो जाए।"

मूसा (अल्लाह का शांति उस पर हो) ने यह साफ़ किया कि मैंने अपनी क़ौम को पीछे नहीं छोड़ा, बल्कि वे मेरे पीछे-पीछे आ रहे हैं, और मेरी जल्दी सिर्फ़ इसलिए थी कि मैं तेरे हुक्म की तामील में सबसे पहले पहुँचूँ और तेरी ख़ुशनूदी हासिल करूँ। यह एक नबी का अपने रब के सामने प्यार भरा अंदाज़ है — वह अपनी जल्दी को इबादत और रज़ा-ए-इलाही का ज़रिया बताता है।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह की रज़ा और ख़ुशनूदी हासिल करने के लिए नेक कामों में जल्दी करनी चाहिए। जब हम अल्लाह के हुक्मों को बजा लाने में सबसे आगे होते हैं, तो यह हमारे ईमान की मज़बूती और मुहब्बत की निशानी है। मूसा (अल्लाह का शांति उस पर हो) की यह आदत हमारे लिए नमूना है कि हम भी अच्छे कामों में, इबादत में, और अल्लाह की राह में जल्दी करें — क्योंकि अल्लाह उन लोगों से मुहब्बत करता है जो नेकियों में जल्दी करते हैं।

और यह भी याद रखें कि अल्लाह से बात करने का यह अंदाज़ — अदब, मुहब्बत और इख़लास के साथ — हमें भी अपनी दुआओं में अपनाना चाहिए। जब हम अल्लाह से माँगें, तो उसके सामने अपनी बेबसी और मुहब्बत का इज़हार करें, और उसकी रज़ा को अपना सबसे बड़ा मक़सद बनाएँ। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देगा।



📜 आयत 82-86 — सूरा ताहा

82وَإِنِّي لَغَفَّارٌ لِّمَن تَابَ وَآمَنَ وَعَمِلَ صَالِحًا ثُمَّ اهْتَدَىٰ
और जो शख्स तौबा करे और ईमान लाए और अच्छे काम करे फिर साबित क़दम रहे तो हम उसको ज़रूर बख्शने वाले हैं
83۞ وَمَا أَعْجَلَكَ عَن قَوْمِكَ يَا مُوسَىٰ
फिर जब मूसा सत्तर आदमियों को लेकर चले और खुद बढ़ आए तो हमने कहा कि (ऐ मूसा तुमने अपनी क़ौम से आगे चलने में क्यों जल्दी की)
84قَالَ هُمْ أُولَاءِ عَلَىٰ أَثَرِي وَعَجِلْتُ إِلَيْكَ رَبِّ لِتَرْضَىٰ
ग़रज़ की वह भी तो मेरे ही पीछे चले आ रहे हैं और इसी लिए मैं जल्दी करके तेरे पास इसलिए आगे बढ़ आया हूँ ताकि तू (मुझसे) खुश रहे
85قَالَ فَإِنَّا قَدْ فَتَنَّا قَوْمَكَ مِن بَعْدِكَ وَأَضَلَّهُمُ السَّامِرِيُّ
फ़रमाया तो हमने तुम्हारे (आने के बाद) तुम्हारी क़ौम का इम्तिहान लिया और सामरी ने उनको गुमराह कर छोड़ा
86فَرَجَعَ مُوسَىٰ إِلَىٰ قَوْمِهِ غَضْبَانَ أَسِفًا ۚ قَالَ يَا قَوْمِ أَلَمْ يَعِدْكُمْ رَبُّكُمْ وَعْدًا حَسَنًا ۚ أَفَطَالَ عَلَيْكُمُ الْعَهْدُ أَمْ أَرَدتُّمْ أَن يَحِلَّ عَلَيْكُمْ غَضَبٌ مِّن رَّبِّكُمْ فَأَخْلَفْتُم مَّوْعِدِي
(तो मूसा) गुस्से में भरे पछताए हुए अपनी क़ौम की तरफ पलटे और आकर कहने लगे ऐ मेरी (क़म्बख्त) क़ौम क्या तुमसे तुम्हारे परवरदिगार ने एक अच्छा वायदा (तौरेत देने का) न किया था तुम्हारे वायदे में अरसा लग गया या तुमने ये चाहा कि तुम पर तुम्हारे परवरदिगार का ग़ज़ब टूंट पड़े कि तुमने मेरे वायदे (खुदा की परसतिश) के ख़िलाफ किया
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
84आयत

अनुवाद — ताहा 84

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Thursday, October 1, 2026

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