ताहा · 92/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
قَالَ يَا هَارُونُ مَا مَنَعَكَ إِذْ رَأَيْتَهُمْ ضَلُّوا ۝٩٢
Qaala Yaa Haaroonu maa mana `aka iz ra aitahum dallooo
📖 हिंदी अर्थ
मूसा ने हारून की तरफ ख़िताब करके कहा ऐ हारून जब तुमने उनको देख लिया था गमुराह हो गए हैं तो तुम्हें मेरी पैरवी (क़ताल) करने को किसने मना किया
📜

अनुवाद — Tafsir

(मूसा अलैहिस्सलाम ने) कहा: "ऐ हारून! जब तूने देखा कि ये लोग गुमराह हो गए हैं, तो तुझे किस चीज़ ने रोका?"

शब्दों के अर्थ:

  • مَا مَنَعَكَ — किस चीज़ ने तुझे रोका / क्या बाधा बनी
  • إِذْ رَأَيْتَهُمْ — जब तूने उन्हें देखा
  • ضَلُّوا — वे गुमराह हो गए (सीधे रास्ते से भटक गए)

विस्तृत तफ़सीर:

यह वह दृश्य है जब मूसा अलैहिस्सलाम पहाड़ (तूर) से लौटकर अपनी क़ौम के पास आए और देखा कि वे लोग बछड़े (सामरी के बनाए हुए) की पूजा कर रहे हैं। उन्होंने अपने भाई हारून अलैहिस्सलाम से पूछा: "ऐ हारून! जब तूने देखा कि ये लोग सीधे रास्ते से भटककर शिर्क (बछड़े की पूजा) में पड़ गए हैं, तो तुझे किस चीज़ ने रोका कि तू मेरे पास आकर मुझे ख़बर करता? तूने उन्हें छोड़कर मेरा पीछा क्यों नहीं किया? क्या तूने मेरे उस आदेश की अवहेलना की जो मैंने तुझे दिया था कि मेरी अनुपस्थिति में मेरी क़ौम के बीच भलाई के साथ रहना और सुधार करते रहना?"

यह पूछना मूसा अलैहिस्सलाम का एक स्वाभाविक प्रश्न था, जिसमें उन्होंने अपने भाई से उनके कर्तव्य के बारे में पूछा — कि उन्होंने इस बड़ी गुमराही को देखते हुए भी उन्हें सूचित क्यों नहीं किया। हारून अलैहिस्सलाम ने आगे चलकर अपना उज़्र (सफ़ाई) पेश किया कि उन्होंने उन लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे लोग उनकी बात नहीं मानी, और उन्होंने यह भी सोचा कि कहीं मूसा अलैहिस्सलाम के लौटने पर उनके बीच फूट न पड़ जाए।

हमारे लिए सबक़ (सीख):

यह आयत हमें सिखाती है कि अच्छाई का आदेश देना और बुराई से रोकना (अम्र बिल-मारूफ़ व नही अनिल-मुनकर) हर मुसलमान का फ़र्ज़ है। जब हम किसी को गुमराही में देखें, तो हमें चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे रोकने की पूरी कोशिश करनी चाहिए। साथ ही, यह भी सिखाती है कि ज़िम्मेदार लोगों से उनके कर्तव्य के बारे में पूछा जाएगा — चाहे वह नबी के भाई ही क्यों न हों। यह हमें याद दिलाता है कि हम सब अपनी ज़िम्मेदारियों के बारे में जवाबदेह हैं, और अल्लाह तआला के दीन की हिफ़ाज़त के लिए हमें हर संभव क़दम उठाना चाहिए।

🎧 सुनें

📜 आयत 90-94 — ताहा

90وَلَقَدْ قَالَ لَهُمْ هَارُونُ مِن قَبْلُ يَا قَوْمِ إِنَّمَا فُتِنتُم بِهِ ۖ وَإِنَّ رَبَّكُمُ الرَّحْمَٰنُ فَاتَّبِعُونِي وَأَطِيعُوا أَمْرِي
और हारून ने उनसे पहले कहा भी था कि ऐ मेरी क़ौम तुम्हारा सिर्फ़ इसके ज़रिये से इम्तिहान किया जा रहा है और इसमें शक नहीं कि तम्हारा परवरदिगार (बस खुदाए रहमान है) तो तुम मेरी पैरवी करो और मेरा कहा मानो
91قَالُوا لَن نَّبْرَحَ عَلَيْهِ عَاكِفِينَ حَتَّىٰ يَرْجِعَ إِلَيْنَا مُوسَىٰ
तो वह लोग कहने लगे जब तक मूसा हमारे पास पलट कर न आएँ हम तो बराबर इसकी परसतिश पर डटे बैठे रहेंगे
92قَالَ يَا هَارُونُ مَا مَنَعَكَ إِذْ رَأَيْتَهُمْ ضَلُّوا
मूसा ने हारून की तरफ ख़िताब करके कहा ऐ हारून जब तुमने उनको देख लिया था गमुराह हो गए हैं तो तुम्हें मेरी पैरवी (क़ताल) करने को किसने मना किया
93أَلَّا تَتَّبِعَنِ ۖ أَفَعَصَيْتَ أَمْرِي
तो क्या तुमने मेरे हुक्म की नाफ़रमानी की
94قَالَ يَا ابْنَ أُمَّ لَا تَأْخُذْ بِلِحْيَتِي وَلَا بِرَأْسِي ۖ إِنِّي خَشِيتُ أَن تَقُولَ فَرَّقْتَ بَيْنَ بَنِي إِسْرَائِيلَ وَلَمْ تَرْقُبْ قَوْلِي
हारून ने कहा ऐ मेरे माँजाए (भाई) मेरी दाढ़ी न पकडिऐ और न मेरे सर (के बाल) मैं तो उससे डरा कि (कहीं) आप (वापस आकर) ये (न) कहिए कि तुमने बनी इसराईल में फूट डाल दी और मेरी बात का भी ख्याल न रखा
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अनुवाद — ताहा 92

सूरा ताहा आयत 92 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मूसा ने हारून की तरफ ख़िताब करके कहा ऐ हारून…

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Tuesday, August 18, 2026

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