अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- ख़त्बुक (خطبك): तुम्हारा मामला, तुम्हारा हाल, या तुम्हारी इच्छा और माँग।
- सामिरी (سامری): यह एक व्यक्ति का नाम है जो बनी इस्राईल में से था और उसने बछड़े की मूर्ति बनाई थी।
तफ़सीर:
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) अपनी क़ौम के पास लौटे और देखा कि लोग बछड़े की पूजा कर रहे हैं, तो उन्होंने अपने भाई हारून (अलैहिस्सलाम) से पूछताछ की और फिर उस व्यक्ति की ओर रुख़ किया जिसने यह फ़ित्ना (उपद्रव) खड़ा किया था। उन्होंने उससे कहा: "ऐ सामिरी! तेरा क्या मामला है? तुझे किस चीज़ ने इस काम पर उकसाया? तूने यह घिनौना काम क्यों किया? तेरी क्या माँग या इच्छा थी जो तूने अपनी क़ौम को गुमराह किया और उन्हें सीधे रास्ते से भटका दिया?"
यह प्रश्न उसकी सज़ा की शुरुआत थी, क्योंकि उसने बड़ा जुर्म किया था। उसने न सिर्फ़ ख़ुद गुमराह हुआ बल्कि पूरी क़ौम को गुमराह कर दिया। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) का यह सवाल उसे जवाबदेह ठहराने के लिए था, ताकि वह अपने किए का इज़हार करे और सबके सामने उसकी हक़ीक़त खुल जाए।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि गुमराही और फ़ित्ना फैलाने वालों से सख़्ती से पूछताछ करनी चाहिए। एक इंसान जब दूसरों को रास्ते से भटकाता है, तो उसका जुर्म सिर्फ़ अपनी गलती तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह हर उस शख्स के गुनाह का भी हिस्सेदार बनता है जो उसकी वजह से गुमराह हुआ। इसलिए हमें हमेशा सच्चाई और ईमान पर क़ायम रहना चाहिए और किसी भी ऐसे काम से बचना चाहिए जो दूसरों के लिए फ़ित्ने का सबब बने। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें गुमराह करने वालों के नुक़्सान से बचाए। आमीन।
📜 आयत 93-97 — ताहा
अनुवाद — ताहा 95
सूरा ताहा आयत 95 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तब सामरी से कहने लगे कि ओ सामरी तेरा क्या…सूरा आयत 95/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 93–97. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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