अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- احْكُم (हुक्म कर): यहाँ अर्थ है फ़ैसला करना, अलग करना।
- بِالْحَقِّ (सच्चाई के साथ): न्याय और सत्य के आधार पर।
- الْمُسْتَعَانُ (मदद माँगा जाने वाला): जिससे सहायता माँगी जाए।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह के नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ को निर्देश दिया गया है कि वे अपने रब से दुआ करें। यह दुआ उन काफ़िरों के खिलाफ़ है जिन्होंने सच्चाई को नकार दिया, ज़ुल्म किया और नबी ﷺ का मज़ाक उड़ाया। नबी ﷺ ने अल्लाह से फ़रमाया: "ऐ मेरे रब! मेरे और मेरी क़ौम के बीच सच्चाई के साथ फ़ैसला कर दे।" यानी अल्लाह से न्याय की अपील की गई, क्योंकि वही सबसे बड़ा न्यायाधीश है और उसका फ़ैसला ही अंतिम और सत्य है।
इसके बाद नबी ﷺ ने कहा: "हमारा रब बड़ा मेहरबान है, और उसी से हम मदद माँगते हैं, उन बातों के खिलाफ़ जो तुम (काफ़िर) कहते हो।" यहाँ "तुम्हारा वर्णन" से मुराद काफ़िरों का झूठ, शिर्क, अल्लाह पर बदतमीज़ी और नबी ﷺ के बारे में बुरे शब्द हैं। नबी ﷺ ने यह स्पष्ट किया कि हमें अल्लाह पर पूरा भरोसा है, वही हमारी मदद करेगा और तुम्हारे झूठ का जवाब देगा।
यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि जब दुश्मन सच्चाई का विरोध करें और ज़ुल्म करें, तो घबराना नहीं चाहिए, बल्कि अल्लाह से न्याय की दुआ करनी चाहिए और उसी पर भरोसा रखना चाहिए। अल्लाह रहमान है, वह अपने बंदों पर मेहरबान है और अपने नेक बंदों की मदद ज़रूर करता है। यह दुआ हमें सिखाती है कि हर मुश्किल में अल्लाह ही सहारा है, और वही सच्चा मददगार है। जो लोग अल्लाह और उसके रसूल का विरोध करते हैं, उनका अंजाम बुरा है, क्योंकि अल्लाह का फ़ैसला कभी ग़लत नहीं होता।
📜 आयत 110-112 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 112
सूरा अल-अंबिया आयत 112 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (आख़िर) रसूल ने दुआ की ऐ मेरे पालने वाले तू…सूरा आयत 112/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 110–112. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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