अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَإِنْ أَدْرِي: मैं नहीं जानता।
- فِتْنَةٌ: परीक्षा, आज़माइश।
- مَتَاعٌ: सांसारिक सुख-सुविधाएँ, लाभ उठाना।
- إِلَى حِينٍ: एक निश्चित समय तक, अवधि के अंत तक।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को सिखा रहे हैं कि वे काफ़िरों से कहें: "मैं नहीं जानता कि जिस अज़ाब (यातना) की तुम जल्दी माँग कर रहे हो, उसका टलना और देर होना शायद तुम्हारे लिए एक परीक्षा है।" यानी, अल्लाह तआला तुम्हें मोहलत दे रहा है, ताकि देखा जाए कि तुम इस दौरान क्या करते हो — क्या तुम अपनी ज़िद और कुफ़्र पर क़ायम रहते हो या सुधर जाते हो। यह देरी तुम्हारे लिए एक इम्तिहान है, और साथ ही यह दुनिया का अस्थायी सुख-सामान है, जो तुम्हें एक निश्चित अवधि तक दिया गया है। जब वह अवधि पूरी होगी, तो अल्लाह का फ़ैसला आ जाएगा, और तुम्हें अपने कर्मों का पूरा बदला मिलेगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की ओर से मिलने वाली मोहलत (ढील) कभी-कभी उसकी रहमत होती है, और कभी वह सिर्फ़ एक इम्तिहान होता है। इंसान को चाहिए कि वह इस मोहलत को ग़नीमत समझे और अपनी ज़िंदगी को सुधार ले, क्योंकि अल्लाह का अज़ाब आने के बाद कोई पलटाव नहीं होता। यह आयत हमें यह भी बताती है कि दुनिया की चंद रोज़ा ज़िंदगी और उसके सुख-आराम किसी काम के नहीं, अगर इंसान अपने रब से ग़ाफ़िल रहे। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है — वह जल्दी सज़ा नहीं देता, ताकि बंदे तौबा कर लें और अपनी ग़लतियों से बाज़ आ जाएँ। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह की इस मोहलत को अपने लिए बेहतरी का मौक़ा बनाएँ, न कि और ज़्यादा ग़लतियाँ करने का बहाना।
📜 आयत 109-112 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 111
सूरा अल-अंबिया आयत 111 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और मैं ये भी नहीं जानता कि शायद ये (ताख़ीरे…सूरा आयत 111/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 109–112. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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