अनुवाद — Tafsir
بَلْ تَأْتِيهِم بَغْتَةً فَتَبْهَتُهُمْ فَلَا يَسْتَطِيعُونَ رَدَّهَا وَلَا هُمْ يُنظَرُونَ
शब्दों के अर्थ:
- بَغْتَةً: अचानक, बिना किसी पूर्व सूचना के।
- فَتَبْهَتُهُمْ: उन्हें हैरान और स्तब्ध कर देगी, उनकी समझ काम नहीं करेगी।
- رَدَّهَا: उसे (आज़ाब को) टालना या रोकना।
- يُنظَرُونَ: उन्हें मोहलत दी जाए, देर की जाए।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में है जो मज़ाक़ उड़ाते हैं और क़यामत के आने में शक करते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह क़यामत या अज़ाब उनके पास अचानक आएगा, जब उन्हें इसका ज़रा भी एहसास न होगा। यह उन्हें इस तरह हैरान और स्तब्ध कर देगा कि उनकी अक्लें काम करना बंद कर देंगी, वे समझ ही नहीं पाएँगे कि क्या हो रहा है। उस वक़्त न तो वे उस अज़ाब को रोक सकेंगे और न ही उसे टाल सकेंगे, और न ही उन्हें कोई मोहलत दी जाएगी ताकि वे तौबा करें या माफ़ी माँगें। यह उनके लिए बिल्कुल अचानक और अपरिहार्य होगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी हक़ीक़त से आगाह करती है कि अल्लाह का अज़ाब और क़यामत का दिन कभी भी आ सकता है, बिल्कुल अचानक। इसलिए हमें चाहिए कि हम हर पल इसके लिए तैयार रहें, अपने गुनाहों से तौबा करें और अल्लाह की रहमत के तलबगार रहें। अल्लाह ने हमें ज़िंदगी का यह मौक़ा इसलिए दिया है ताकि हम उसकी इबादत करें और उसकी राह पर चलें। जो लोग इस मौक़े को हल्के में लेते हैं और मज़ाक़ उड़ाते हैं, वे बड़े नुक़सान में रहेंगे। लेकिन अल्लाह बड़ा मेहरबान है, उसने अपने रसूल ﷺ के ज़रिए हमें चेतावनी दे दी है ताकि हम सुधर जाएँ और उस अज़ाब से बच जाएँ जो किसी को पसंद नहीं। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ और उस दिन की तैयारी करें जब कोई मोहलत नहीं मिलेगी।
📜 आयत 38-42 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 40
सूरा अल-अंबिया आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (क़यामत कुछ जता कर तो आने से रही) बल्कि वह…सूरा आयत 40/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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