Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- اسْتُهْزِئَ: मज़ाक उड़ाया गया, उपहास किया गया।
- فَحَاقَ: घेर लिया, आ घेरा, उन पर नाज़िल हो गया।
- يَسْتَهْزِئُونَ: वे मज़ाक उड़ाते थे, उपहास करते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आपके साथ जो उपहास और मज़ाक आपकी क़ौम के लोग कर रहे हैं, यह कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी अल्लाह के कई रसूलों के साथ उनकी क़ौमों ने ठीक ऐसा ही सलूक किया। उन नबियों को भी झुठलाया गया, उन पर हँसा गया और उनकी बातों का मज़ाक उड़ाया गया। लेकिन देखिए उन मज़ाक उड़ाने वालों का अंजाम क्या हुआ!
जिस अज़ाब (यातना) की चेतावनी वे नबी अपनी क़ौमों को देते थे, उसी अज़ाब को लोग मज़ाक समझते थे और कहते थे कि "यह कब आएगा?" लेकिन जब अल्लाह का फ़ैसला आया, तो वही अज़ाब उन मुस्तहज़ी (मज़ाक उड़ाने वालों) पर इस तरह छा गया कि उनके पास भागने की कोई जगह न बची। उन्होंने जिस चीज़ का मज़ाक उड़ाया था, वही उनके गले पड़ गई और उन्हें घेर लिया।
यह अल्लाह का क़ानून (सुन्नत) है जो पहले भी रहा है और आख़िर तक रहेगा कि सत्य के साथ मज़ाक करने वालों को उसका ख़मियाज़ा भुगतना पड़ता है। इसलिए ऐ नबी! आप दिल पर पत्थर बाँधकर अपना काम जारी रखें। आप पर हँसने वालों की परवाह न करें। आपका काम सिर्फ पैग़ाम पहुँचाना है, और अल्लाह का काम उन्हें उनके किए की सज़ा देना है।
दावती पहलू (नसीहत):
इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ी नसीहत है। जब हम किसी नेक काम की दावत देते हैं या सच्चाई पर चलते हैं, तो कुछ लोग हमारा मज़ाक उड़ाते हैं। हमें निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह रास्ता नबियों का रास्ता है। नबियों के साथ भी ऐसा हुआ, फिर हम कौन होते हैं। अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, और मज़ाक उड़ाने वालों का अंजाम बुरा होता है। हमें सब्र और भरोसे के साथ अपने ईमान पर क़ायम रहना चाहिए। याद रखिए, अल्लाह की मदद उन्हीं के साथ होती है जो सब्र करते हैं। आज की यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई पर डटे रहें, चाहे लोग हँसें या मज़ाक उड़ाएँ — आख़िरकार सच्चाई ही जीतती है।
📜 आयत 39-43 — सूरा अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 41
सूरा अल-अंबिया आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) कुछ तुम ही नहीं तुमसे पहले पैग़म्बरों…सूरा आयत 41/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंबिया
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


