अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَا يَكُفُّونَ — वे रोक नहीं पाएंगे, हटा नहीं पाएंगे।
- عَن وُجُوهِهِمُ النَّارَ — अपने चेहरों से आग को।
- وَلَا عَن ظُهُورِهِمْ — और न ही अपनी पीठों से।
- يُنصَرُونَ — उनकी सहायता की जाएगी, उन्हें बचाया जाएगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यदि ये काफ़िर — जो क़ियामत के दिन को झुठलाते हैं और मज़ाक़ उड़ाते हैं — उस घड़ी की हक़ीक़त को जान लेते, जब आग उन्हें हर तरफ़ से घेर लेगी, तो वे कभी भी कुफ़्र पर डटे न रहते और न ही अज़ाब को जल्दी माँगते। वे उस दिन न तो अपने चेहरों से आग को रोक पाएंगे और न ही अपनी पीठों से — आग उन्हें आगे से भी घेरेगी और पीछे से भी, और वे बिल्कुल असहाय होंगे। कोई नहीं होगा जो उन्हें बचा सके, कोई मददगार नहीं, कोई सिफ़ारिशी नहीं, कोई सहारा नहीं। अल्लाह की पकड़ से बचने के लिए न कोई ढाल होगी और न कोई पनाह।
यदि उन्हें इस दिन की सच्चाई का ज़रा सा भी इल्म होता, तो वे अज़ाब की जल्दी न माँगते और न कहते: "यह वादा कब आएगा?" क्योंकि जब वह दिन आएगा, तो पछतावा किसी काम न आएगा और न ही कोई मौका मिलेगा तौबा का।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम उस दिन के लिए क्या तैयारी कर रहे हैं? आज हम अपने चेहरे से एक मच्छर को भी नहीं हटा सकते, तो उस दिन आग को कैसे रोक पाएंगे? आज अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा खुला है — तौबा करो, अपने गुनाहों से बाज़ आओ, नमाज़ क़ायम करो, और अल्लाह की राह में भलाई के काम करो। यही वह रास्ता है जो हमें उस आग से बचा सकता है। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है — उसने हमें मौका दिया है, हिदायत दी है, और अपनी किताब में रास्ता दिखाया है। काश! हम उस दिन से पहले ही संभल जाएँ, जब संभलने का कोई मौका नहीं होगा।
📜 आयत 37-41 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 39
सूरा अल-अंबिया आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग काफ़िर हो बैठे काश उस वक्त क़ी…सूरा आयत 39/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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