अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- अय्यूब (अलैहिस्सलाम): अल्लाह के नबी, जो सब्र और धैर्य की मिसाल हैं।
- मस्सनीज़-ज़ुर्र: मुझे कष्ट और तकलीफ़ ने छू लिया (बीमारी, मुसीबत, या हानि)।
- अरहमुर-राहिमीन: सबसे बड़ा दयालु, सबसे अधिक रहम करने वाला।
तफ़सीर:
ऐ नबी! अपने बंदे अय्यूब (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र कीजिए, जब उन्होंने अपने रब को पुकारा। अल्लाह ने उन्हें एक बड़ी परीक्षा में डाला था — उनका शरीर बीमारी से टूट गया, धन-दौलत खत्म हो गई, बच्चे चले गए, और परिवार बिखर गया। इतने कष्टों के बावजूद उन्होंने सब्र और भरोसे का दामन नहीं छोड़ा। उन्होंने अपनी पीड़ा और बेबसी को सिर्फ़ अल्लाह के सामने रखा और विनम्रता से कहा: "मुझे कष्ट ने घेर लिया है, और तू सबसे बड़ा रहम करने वाला है।"
यह पुकार सिर्फ़ शिकायत नहीं थी, बल्कि अल्लाह की रहमत पर पूरा भरोसा और उसकी दया की गुहार थी। उन्होंने अपनी हालत का ज़िक्र किया, लेकिन साथ ही अल्लाह की रहमत को सबसे बड़ा बताया। यही वजह है कि अल्लाह ने उन्हें सब्र का आदर्श बनाया और क़ुरआन में उनकी तारीफ़ की: "हमने उन्हें सब्र करने वाला पाया।" उनकी शिकायत ख़ालिक़ (रब) से थी, मख़लूक़ (बंदों) से नहीं — और यही सच्चे बंदे की पहचान है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि मुसीबतें और परीक्षाएँ अल्लाह की तरफ़ से आती हैं, और उनका सही तरीक़ा यह है कि हम सब्र करें और अल्लाह से ही मदद माँगें। अय्यूब (अलैहिस्सलाम) की तरह हमें भी चाहिए कि अपनी हर तकलीफ़ में अल्लाह की रहमत पर भरोसा रखें, क्योंकि वही सबसे बड़ा दयालु है। जब इंसान अपनी बेबसी का इज़हार अल्लाह के सामने करता है, तो अल्लाह उसकी सुनता है और उसकी मुसीबत दूर करता है। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम किसी और के सामने अपनी परेशानियों का रोना न रोएँ, बल्कि सीधे अल्लाह से जुड़ें — वही सबसे अच्छा सुनने वाला और रहम करने वाला है।
📜 आयत 81-85 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 83
सूरा अल-अंबिया आयत 83 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (कि भाग न जाएँ) और (ऐ रसूल) अय्यूब (का क़िस्सा…सूरा आयत 83/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 81–85. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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