Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَغُوصُونَ – गोते लगाते हैं, समुद्र की गहराई में उतरते हैं।
- دُونَ ذَٰلِكَ – उस कार्य के अलावा, अन्य कार्य।
- حَافِظِينَ – रक्षा करने वाले, निगरानी रखने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने नबी सुलेमान (अलैहिस्सलाम) को ऐसी महान शक्ति और राज्य प्रदान किया था जो किसी और को नहीं दी गई। उन्हीं अनगिनत नेमतों में से एक यह भी थी कि अल्लाह ने जिन्नात और शैतानों को भी उनके अधीन कर दिया था। इन शैतानों में से कुछ ऐसे थे जो समुद्र में गोते लगाकर मोती, जवाहरात और बहुमूल्य रत्न निकालते थे। यह कार्य आम इंसानों के बस की बात नहीं थी, क्योंकि समुद्र की गहराई में उतरना और वहाँ से ये अनमोल चीज़ें प्राप्त करना अत्यंत कठिन कार्य था।
इसके अलावा, वे शैतान सुलेमान (अलैहिस्सलाम) के लिए अन्य कार्य भी करते थे, जैसे ऊँची इमारतें बनाना, किले तैयार करना, और विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्य करना। वे अपनी शक्ति और क्षमता के अनुसार जो भी कार्य उन्हें सौंपा जाता था, उसे पूरा करते थे। अल्लाह तआला ने उन शैतानों को इस प्रकार नियंत्रण में रखा था कि वे सुलेमान (अलैहिस्सलाम) की अवज्ञा नहीं कर सकते थे, न ही अपने कार्य में कोई भ्रष्टाचार या बिगाड़ पैदा कर सकते थे। अल्लाह की शक्ति और सुरक्षा ने उन्हें पूरी तरह से वश में कर रखा था।
यह अल्लाह की उस महान कुदरत का प्रमाण है कि वह अपने नेक बंदों को ऐसी शक्तियाँ प्रदान करता है जो सामान्य मनुष्यों के लिए असंभव होती हैं। सुलेमान (अलैहिस्सलाम) का यह राज्य केवल भौतिक शक्ति का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि यह अल्लाह की एकता और उसकी सर्वोच्च सत्ता का जीवंत प्रमाण था। जब हम इस आयत पर ग़ौर करते हैं, तो हमें यह समझना चाहिए कि अल्लाह जिसे चाहता है, उसे अपनी विशेष नेमतें प्रदान करता है। यह हमारे लिए एक सबक है कि हम अल्लाह की शक्ति और उसके नबियों की महानता पर ईमान रखें और उनके बताए हुए रास्ते पर चलें। अल्लाह की रक्षा और सुरक्षा उसके नेक बंदों के साथ हमेशा रहती है, और यही उनकी सफलता का राज़ है। हमें भी चाहिए कि हम अल्लाह के आदेशों का पालन करें और उसकी रक्षा में रहने का प्रयास करें, ताकि हम भी दुनिया और आख़िरत में कामयाब हों।
📜 आयत 80-84 — सूरा अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 82
सूरा अल-अंबिया आयत 82 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिन्नात में से जो लोग (समन्दर में) ग़ोता लगाकर…सूरा आयत 82/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 80–84. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंबिया
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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