अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَصَبُ: ईंधन, लकड़ी, या वह चीज़ जिससे आग जलाई जाए।
- وَارِدُونَ: प्रवेश करने वाले, अंदर जाने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ अल्लाह के नाफ़रमान लोगो! तुम और वो सब कुछ जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पूजते हो—चाहे वो मूर्तियाँ हों, पत्थर हों, या वो इंसान और जिन्न जिन्होंने तुम्हारी पूजा को पसंद किया और उस पर राज़ी हुए—ये सब जहन्नम की आग का ईंधन हैं। जिस तरह लकड़ी आग को भड़काती है और उसे और तेज़ करती है, उसी तरह तुम और तुम्हारे ये माबूद जहन्नम की आग को और भड़काओगे। तुम सब उसमें प्रवेश करने वाले हो, और तुम्हारे ये माबूद भी तुम्हारे साथ उसी आग में झोंके जाएँगे।
यह अल्लाह का स्पष्ट और कठोर फ़रमान है कि शिर्क (अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराना) सबसे बड़ा ज़ुल्म है, और इसका अंजाम जहन्नम की आग के अलावा कुछ नहीं। जो लोग अल्लाह की इबादत छोड़कर बेजान बुतों और मख़लूक़ात की पूजा करते हैं, वे न सिर्फ़ खुद गुमराह होते हैं बल्कि अपने इन माबूदों को भी अपने साथ हलाकत में ले जाते हैं। यहाँ अल्लाह तआला ने साफ़ कर दिया कि ये माबूद उनकी मदद नहीं कर सकते, न दुनिया में और न आख़िरत में।
इस आयत में हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी में सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करें, उसी से मदद माँगें, और उसी की राह पर चलें। अल्लाह ने हमें अक्ल दी है ताकि हम सोचें और समझें कि सच्चा मालिक और पूजा के लायक़ सिर्फ़ वही है जिसने ये कायनात बनाई। जो लोग इस हक़ीक़त को समझ जाएँ और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसके हुक्मों के मुताबिक ढाल लें, उनके लिए जन्नत की ख़ुशख़बरी है, और जो इससे मुँह मोड़ें उनके लिए जहन्नम का अज़ाब है। अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह दिखाए और हमें शिर्क और गुमराही से बचाए। आमीन।
📜 आयत 96-100 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 98
सूरा अल-अंबिया आयत 98 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (उस दिन किहा जाएगा कि ऐ कुफ्फ़ार) तुम और जिस…सूरा आयत 98/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 96–100. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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