अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- شَاخِصَةٌ – खुली हुई, घूरती हुई (आँखें जो पलकें नहीं झपकातीं)
- أَبْصَار – आँखें
- يَا وَيْلَنَا – हमारी बर्बादी, हम पर अफसोस
- غَفْلَة – लापरवाही, भूल, असावधानी
- ظَالِمِينَ – अत्याचारी, ज़ालिम
तफ़सीर (व्याख्या):
जब याजूज और माजूज की दीवार टूटेगी और वे हर ऊँचाई से तेज़ी से निकलकर धरती पर फैल जाएँगे, तो क़यामत का वादा बहुत करीब आ जाएगा। उस दिन क़यामत की भयावहता और सख्तियाँ सामने आ जाएँगी। उस वक़्त काफ़िरों की आँखें डर और हैरत की वजह से खुली की खुली रह जाएँगी, उनकी पलकें भी नहीं झपकेंगी। वे हर तरफ़ देखेंगे और समझ जाएँगे कि अब कोई बचाव नहीं।
उस वक़्त वे पछतावे और अफसोस के साथ कहेंगे: "हाय हमारी बर्बादी! हम इस दिन से ग़ाफ़िल रहे, हमने इसकी परवाह नहीं की और न ही इसके लिए कोई तैयारी की। हम दुनिया के कामों में लगे रहे और आख़िरत को भूल गए।" फिर वे अपनी ग़लती को और साफ़ करते हुए कहेंगे: "बल्कि हम ज़ालिम थे, हमने जानबूझकर सच को झुठलाया, अल्लाह की इबादत छोड़ दी और अपनी इबादत को गलत जगह रखा। हमने उन चीज़ों की पूजा की जो न सुन सकती थीं, न देख सकती थीं और न कोई फ़ायदा पहुँचा सकती थीं।"
यह वह दिन होगा जब पछतावा किसी काम न आएगा, और न ही कोई मौका मिलेगा कि वे अपनी ग़लती सुधार सकें।
दावती पहलू (नसीहत):
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बड़ी सख्त नसीहत देती है कि हम उस दिन के लिए आज ही तैयारी कर लें। क़यामत का दिन कोई दूर की चीज़ नहीं, बल्कि हर लम्हा करीब आ रहा है। हमें चाहिए कि अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और अच्छे कामों में गुज़ारें, ताकि उस दिन हमें पछताना न पड़े। जो लोग आज अल्लाह की याद से ग़ाफ़िल हैं और सिर्फ़ दुनिया के पीछे भाग रहे हैं, वे उस दिन कहेंगे: "काश हमने कुछ किया होता!" लेकिन तब कुछ हासिल न होगा। आज का दिन ही असली मौका है — नमाज़ पढ़ें, रोज़ा रखें, अच्छे काम करें, और अल्लाह से माफ़ी माँगें। याद रखें, अल्लाह बड़ा मेहरबान और क्षमा करने वाला है, वह चाहता है कि हम उसकी तरफ़ लौट आएँ। उस दिन की शर्मिंदगी से बचने के लिए आज ही अपनी ज़िंदगी को सही रास्ते पर लगा दें।
📜 आयत 95-99 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 97
सूरा अल-अंबिया आयत 97 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और क़यामत का सच्चा वायदा नज़दीक आ जाए तो फिर…सूरा आयत 97/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 95–99. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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