Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فِرْعَوْنَ (फ़िरऔन): मिस्र का शासक, जो अत्याचार और घमंड में अपनी हद पार कर चुका था।
- مَلَئِهِ (मलइही): उसके दरबार के बड़े-बड़े सरदार, रईस और सलाहकार, जो उसके अत्याचारों में साथ देते थे।
- فَاسْتَكْبَرُوا (फ़स्तक्बरू): उन्होंने घमंड किया और सच्चाई को मानने से इनकार कर दिया।
- عَالِينَ (आलीन): सरकश, अत्याचारी और दूसरों पर ज़ुल्म करने वाले, जो लोगों को अपने से नीचा समझते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने दो महान पैग़म्बरों — हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) और उनके भाई हज़रत हारून (अलैहिस्सलाम) — को नौ स्पष्ट चमत्कारों (मोजिज़ों) के साथ भेजा। ये चमत्कार इतने सशक्त और स्पष्ट थे कि किसी भी सच्चे दिल वाले इंसान के लिए उन्हें झुठलाना नामुमकिन था। इन्हीं निशानियों के साथ उन्हें फ़िरऔन और उसके दरबार के सरदारों की ओर भेजा गया, ताकि वे उन्हें सच्चाई की राह दिखाएँ और अल्लाह की इबादत की ओर बुलाएँ।
लेकिन फ़िरऔन और उसके सरदारों ने घमंड और अहंकार में आकर इन स्पष्ट चमत्कारों को देखने के बावजूद ईमान लाने से इनकार कर दिया। वे सच्चाई के सामने झुकना नहीं चाहते थे, क्योंकि उनके दिलों में दुनिया की बड़ाई और सत्ता का नशा भरा हुआ था। वे ऐसे लोग थे जो हमेशा दूसरों पर ज़ुल्म करते थे, लोगों को अपने से नीचा समझते थे, और अपनी ताकत और ऐशो-आराम के कारण खुद को बड़ा और दूसरों को छोटा मानते थे।
यह आयत हमें सिखाती है कि घमंड और अहंकार इंसान को सच्चाई से दूर कर देता है। जब इंसान के दिल में घमंड आ जाता है, तो वह साफ-साफ सच्चाई देखकर भी उसे नहीं मानता, क्योंकि उसे अपनी बड़ाई खोने का डर होता है। अल्लाह तआला ने इस क़िस्से से हमें सबक़ दिया है कि हमें हमेशा विनम्र (नम्र) रहना चाहिए, क्योंकि अल्लाह घमंडियों को पसंद नहीं करता। फ़िरऔन जैसे ताकतवर शासक को भी अल्लाह ने अपनी क़ुदरत से नीचा दिखाया और उसे डुबो दिया। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम कभी भी अपनी ताकत, धन, या ओहदे पर घमंड न करें, बल्कि हमेशा अल्लाह के आगे झुकें और उसकी राह पर चलें। अल्लाह तआला उन्हीं को कामयाबी देता है जो उसके सामने अपने आप को छोटा बनाते हैं और उसकी इबादत में विनम्रता दिखाते हैं।
📜 आयत 44-48 — सूरा अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 46
सूरा अल-मोमिनुन आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो उन लोगो ने शेख़ी की और वह थे ही…सूरा आयत 46/118 — सूरा अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मोमिनुन सुनें, सूरा अल-मोमिनुन अनुवाद, सूरा अल-मोमिनुन mp3, सूरा अल-मोमिनुन pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मोमिनुन
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


