अल-मोमिनुन · 93/118
अनुवाद उच्चारण — अल-मोमिनुन
قُل رَّبِّ إِمَّا تُرِيَنِّي مَا يُوعَدُونَ ۝٩٣
Qur Rabbi immmaa turiyannee maa yoo`adoon
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) तुम दुआ करो कि ऐ मेरे पालने वाले जिस (अज़ाब) का तूने उनसे वायदा किया है अगर शायद तू मुझे दिखाए
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • رَبِّ – हे मेरे पालनहार!
  • إِمَّا – यदि (शर्त के लिए)
  • تُرِيَنِّي – तू मुझे दिखाए
  • مَا يُوعَدُونَ – जिस चीज़ का उनसे वादा किया गया है (अर्थात अज़ाब और सज़ा)

व्याख्या:

हे नबी! आप कहिए: "ऐ मेरे रब! अगर तू मुझे वह अज़ाब दिखा दे जिसका इन काफिरों से वादा किया गया है, तो मुझे उस अज़ाब से महफूज़ रखना।"

यह आयत नबी करीम ﷺ को सिखाई गई दुआ है, जिसमें अल्लाह तआला अपने नबी को यह तालीम दे रहा है कि जब आप काफिरों की सरकशी और उनके अत्याचार देखें, तो यह दुआ करें। इसका मतलब यह है कि अगर अल्लाह की ओर से उन पर अज़ाब आए, तो नबी ﷺ को उस अज़ाब से बचाया जाए, और उन्हें उन ज़ालिमों के साथ न मिलाया जाए।

इस आयत में एक बड़ी हिकमत यह है कि अल्लाह तआला अपने नबी को सिखा रहा है कि वह अपनी उम्मत के लिए रहमत और नजात की दुआ करें, और यह भी सबक है कि मुसलमान को चाहिए कि वह अल्लाह से हमेशा सुरक्षा की दुआ करे, खासकर उस वक्त जब गुनाहगारों पर अल्लाह का अज़ाब नाज़िल होने वाला हो।

यह दुआ हमें यह भी सिखाती है कि हमें अल्लाह की रहमत का सहारा लेना चाहिए और उससे यह माँगना चाहिए कि वह हमें फितनों और अज़ाब से बचाए। यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की मुहब्बत और उसकी रज़ा तक पहुँचाता है। जो बंदा अल्लाह से यह दुआ करता है, वह अल्लाह की पनाह में आ जाता है, और अल्लाह अपने उस बंदे को कभी निराश नहीं करता जो उसकी तरफ रुजू करता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 91-95 — अल-मोमिनुन

91مَا اتَّخَذَ اللَّهُ مِن وَلَدٍ وَمَا كَانَ مَعَهُ مِنْ إِلَٰهٍ ۚ إِذًا لَّذَهَبَ كُلُّ إِلَٰهٍ بِمَا خَلَقَ وَلَعَلَا بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ ۚ سُبْحَانَ اللَّهِ عَمَّا يَصِفُونَ
न तो अल्लाह ने किसी को (अपना) बेटा बनाया है और न उसके साथ कोई और ख़ुदा है (अगर ऐसा होता) उस वक्त हर खुदा अपने अपने मख़लूक़ को लिए लिए फिरता और यक़ीनन एक दूसरे पर चढ़ाई करता
92عَالِمِ الْغَيْبِ وَالشَّهَادَةِ فَتَعَالَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ
(और ख़ूब जंग होती) जो जो बाते ये लोग (ख़ुदा की निस्बत) बयान करते हैं उस से ख़ुदा पाक व पाकीज़ा है वह पोशीदा और हाज़िर (सबसे) खुदा वाक़िफ है ग़रज़ वह उनके शिर्क से (बिल्कुल पाक और) बालातर है
93قُل رَّبِّ إِمَّا تُرِيَنِّي مَا يُوعَدُونَ
(ऐ रसूल) तुम दुआ करो कि ऐ मेरे पालने वाले जिस (अज़ाब) का तूने उनसे वायदा किया है अगर शायद तू मुझे दिखाए
94رَبِّ فَلَا تَجْعَلْنِي فِي الْقَوْمِ الظَّالِمِينَ
तो परवरदिगार मुझे उन ज़ालिम लोगों के हमराह न करना
95وَإِنَّا عَلَىٰ أَن نُّرِيَكَ مَا نَعِدُهُمْ لَقَادِرُونَ
और (ऐ रसूल) हम यक़ीनन इस पर क़ादिर हैं कि जिस (अज़ाब) का हम उनसे वायदा करते हैं तुम्हें दिखा दें
अल-मोमिनुनकुरान सूची
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अनुवाद — अल-मोमिनुन 93

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Tuesday, August 18, 2026

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