Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अन्ज़लहु (أَنزَلَهُ): इसे उतारा।
- अस-सिर्र (السِّرّ): छिपी हुई बात, गुप्त रहस्य, वह चीज़ जो दिलों में हो और जो आँखों से छिपी हो।
- ग़फ़ूर (غَفُورًا): अत्यधिक क्षमा करने वाला।
- रहीम (رَحِيمًا): अत्यधिक दयालु, मेहरबान।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन काफ़िरों से कह दीजिए जो क़ुरआन के बारे में झूठा आरोप लगाते हैं और कहते हैं कि यह कोई इंसानी कलाम है या जादू है — उन्हें बता दीजिए कि इस क़ुरआन को उस ज़ात ने उतारा है जो आसमानों और ज़मीन के हर छिपे राज़ को जानता है। वह जो दिलों में है, जो पर्दों के पीछे है, जो आँखों से ओझल है — सब कुछ उसके इल्म में है। यह क़ुरआन उसी का कलाम है, जो अपनी फ़साहत और बलाग़त में इस क़दर मु'जिज़ा है कि पूरी दुनिया मिलकर भी इस जैसी एक सूरत नहीं ला सकती। यह सबूत है कि यह किसी इंसान की रचना नहीं, बल्कि उस ख़ालिक़ की तरफ़ से है जो हर चीज़ का हाल जानता है।
फिर अल्लाह तआला ने अपनी रहमत का दरवाज़ा खोलते हुए फ़रमाया: "बेशक वह बड़ा क्षमा करने वाला, अत्यंत दयालु है।" यानी अल्लाह तआला अपनी पूरी क़ुदरत और ताक़त के बावजूद तुम्हें फ़ौरन पकड़ नहीं लेता, बल्कि तुम्हें मौक़ा देता है, ताकि तुम अपनी ग़लतियों से तौबा करो और उसकी तरफ़ पलट आओ। वह उन लोगों को माफ़ कर देता है जो अपने गुनाहों से तौबा करते हैं, और अपनी रहमत से उन्हें ढक लेता है।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला का इल्म हर चीज़ पर हावी है — वह हमारे दिल की छुपी हुई बातें भी जानता है। जब हमें यह यक़ीन हो जाए कि अल्लाह सब कुछ जानता है, तो हमें अपनी ज़िंदगी को सुधारना चाहिए और उसकी नाराज़गी से बचना चाहिए। साथ ही, यह आयत हमें उम्मीद का पैग़ाम देती है कि अल्लाह की रहमत बहुत वसी' है। चाहे हमने कितने ही गुनाह किए हों, अगर हम सच्चे दिल से तौबा कर लें, तो वह हमें माफ़ कर देगा। वह जल्दी सज़ा देने वाला नहीं, बल्कि माफ़ करने वाला और रहम करने वाला है। यही उसकी महानता और उसके प्यार की निशानी है। आओ, हम अपने रब की तरफ़ पलटें, उसकी किताब को अपनाएँ, और उसकी रहमत के साये में ज़िंदगी गुज़ारें।
📜 आयत 4-8 — सूरा अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 6
सूरा अल-फुरकान आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि इसको उस शख्स ने…सूरा आयत 6/77 — सूरा अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फुरकान सुनें, सूरा अल-फुरकान अनुवाद, सूरा अल-फुरकान mp3, सूरा अल-फुरकान pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-फुरकान
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


