अश-शुआरा · 106/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ نُوحٌ أَلَا تَتَّقُونَ ۝١٠٦
Iz qaala lahum akhoohum Noohun alaa tattaqoon
📖 हिंदी अर्थ
कि जब उनसे उन के भाई नूह ने कहा कि तुम लोग (ख़ुदा से) क्यों नहीं डरते मै तो तुम्हारा यक़ीनी अमानत दार पैग़म्बर हूँ
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَخُوهُمْ (उनका भाई): यहाँ नसब (खून के रिश्ते) में भाई कहा गया है, धर्म में नहीं।
  • أَلَا تَتَّقُونَ (क्या तुम डरते नहीं?): क्या तुम अल्लाह से नहीं डरते और उसकी अवज्ञा से बचते नहीं?

तफसीर:

यह आयत हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की कहानी से जुड़ी है। उनकी क़ौम ने उन्हें झुठलाया और उनके द्वारा लाई गई रिसालत (पैग़म्बरी) को नकार दिया। दरअसल, जब किसी क़ौम ने अपने नबी को झुठलाया, तो उन्होंने सारे नबियों को झुठला दिया, क्योंकि हर नबी दूसरे नबियों की तस्दीक़ (पुष्टि) करता है।

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम से कहा: "क्या तुम अल्लाह से नहीं डरते?" यानी क्या तुम उसकी इबादत के सिवा दूसरों की इबादत करने से बाज़ नहीं आओगे? क्या तुम्हें उसके अज़ाब का ख़ौफ़ नहीं है?

यह निहायत प्यारा और शफ़ीक़ाना अंदाज़ है। नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को नर्मी और मुहब्बत से समझाया, उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराया और तक़वा (परहेज़गारी) की तरफ़ बुलाया। उन्होंने कहा कि अल्लाह से डरो, उसकी नाफ़रमानी से बचो, और सिर्फ़ उसी की इबादत करो।

इस आयत से हमें सबक़ मिलता है कि नबी अपनी क़ौम के लिए मुशफ़िक़ (शफ़ीक़) और मेहरबान होते हैं। वे लोगों को अल्लाह की तरफ़ बुलाते हैं, उन्हें अज़ाब से डराते हैं और उनकी भलाई चाहते हैं। हमें भी चाहिए कि हम अल्लाह से डरें, उसकी इबादत में एकाग्रता रखें, और उसके हुक्मों की पालना करें। यही तक़वा है, और यही हमारी कामयाबी का ज़रिया है।

अल्लाह तआला हमें तक़वा अख़्तियार करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 104-108 — अश-शुआरा

104وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ الْعَزِيزُ الرَّحِيمُ
और इसमे तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार (सब पर) ग़ालिब और बड़ा मेहरबान है
105كَذَّبَتْ قَوْمُ نُوحٍ الْمُرْسَلِينَ
(यूँ ही) नूह की क़ौम ने पैग़म्बरो को झुठलाया
106إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ نُوحٌ أَلَا تَتَّقُونَ
कि जब उनसे उन के भाई नूह ने कहा कि तुम लोग (ख़ुदा से) क्यों नहीं डरते मै तो तुम्हारा यक़ीनी अमानत दार पैग़म्बर हूँ
107إِنِّي لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌ
तुम खुदा से डरो और मेरी इताअत करो
108فَاتَّقُوا اللَّهَ وَأَطِيعُونِ
और मैं इस (तबलीग़े रिसालत) पर कुछ उजरत तो माँगता नहीं
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अनुवाद — अश-शुआरा 106

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Tuesday, August 18, 2026

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