अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- زُبُرِ: बहुवचन है "زَبُور" का, जिसका अर्थ है किताबें या लिखित ग्रंथ।
- الْأَوَّلِينَ: पिछले लोग, यानी पिछले नबियों की उम्मतें।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ को तसल्ली देते हुए फ़रमा रहे हैं कि यह क़ुरआन, जो आप पर नाज़िल हो रहा है, कोई नई और अनजानी चीज़ नहीं है। बल्कि इसका ज़िक्र और इसके नाज़िल होने की ख़बर पिछली सभी आसमानी किताबों — तौरात, ज़बूर और इंजील — में मौजूद है। पिछले सभी नबियों की किताबों में इस क़ुरआन के आने की बशारत (खुशखबरी) दी गई थी, और उन किताबों ने इसकी तस्दीक़ की थी।
यानी यह क़ुरआन उसी अल्लाह की तरफ से है जिसने पिछले नबियों पर किताबें नाज़िल कीं, और यह उन्हीं किताबों की तस्दीक़ करने वाला और उनकी पूर्ति करने वाला है। यह बात उन लोगों के लिए एक बड़ा सबूत है जो क़ुरआन पर शक करते हैं — कि जिस किताब का ज़िक्र पिछली किताबों में मौजूद है, वह निश्चित रूप से सच्ची और अल्लाह की तरफ से है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि इस्लाम कोई नया या अलग दीन नहीं है, बल्कि यह वही दीन है जो अल्लाह ने हज़रत आदम से लेकर हज़रत ईसा तक सभी नबियों पर नाज़िल किया। क़ुरआन उसी सच्चाई की आख़िरी किताब है जिसकी खुशखबरी पिछली सभी किताबों में दी गई थी। यह हमारे लिए एक इम्तियाज़ है कि हम उस दीन से जुड़े हैं जिसकी तस्दीक़ अल्लाह ने हर ज़माने में अपने नबियों के ज़रिए की। इसलिए हमें इस क़ुरआन पर अमल करना चाहिए और इसे अपनी ज़िंदगी में नफ़ाज़ देना चाहिए, क्योंकि यही वह किताब है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुंचाती है।
📜 आयत 194-198 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 196
सूरा अश-शुआरा आयत 196 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बेशक इसकी ख़बर अगले पैग़म्बरों की किताबों मे (भी…सूरा आयत 196/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 194–198. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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