अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْمَلَأُ (अल-मलअ): राज्य के बड़े-बड़े अधिकारी, सरदार और प्रमुख लोग।
- بِعَرْشِهَا (बि-अर्शिहा): उसके (बिल्कीस की) राजगद्दी या सिंहासन को।
- مُسْلِمِينَ (मुस्लिमीन): आज्ञाकारी, आत्मसमर्पण करने वाले, इस्लाम लाने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत सुलेमान अलैहिस्सलाम को यह खबर मिली कि सबा की रानी बिल्कीस अपनी क़ौम के साथ इस्लाम क़बूल करने के इरादे से उनके पास आ रही है, तो उन्होंने अपनी महफ़िल में मौजूद जिन्नों और इंसानों के सरदारों को संबोधित करते हुए कहा: "ऐ मेरे राज्य के प्रमुख लोगो! तुम में से कौन मेरे पास उसका सिंहासन ला सकता है, इससे पहले कि वे लोग मेरे पास आकर आज्ञाकारी और मुस्लिम बन जाएँ?"
यह एक इम्तिहान (परीक्षा) था जो हज़रत सुलेमान ने अपनी शक्ति और अल्लाह की दी हुई नेमतों को ज़ाहिर करने के लिए लिया। वे यह दिखाना चाहते थे कि अल्लाह ने उन्हें कितनी बड़ी ताक़त और कुदरत अता की है, और साथ ही वे यह भी देखना चाहते थे कि उनके दरबार में कौन कितना काबिल और तेज़-तर्रार है। उनका यह कहना "क़ब्ल अन यातूनी मुस्लिमीन" (इससे पहले कि वे मुस्लिम होकर आएँ) इस बात की तरफ इशारा था कि अगर वे इस्लाम क़बूल करके आएँगी, तो उनका सिंहासन उन्हीं के पास रहेगा, लेकिन अगर वे इस्लाम नहीं लातीं, तो उनका राज्य और सिंहासन उनसे छीन लिया जाएगा। यह एक हिकमत भरी बात थी, क्योंकि सुलेमान अलैहिस्सलाम चाहते थे कि बिल्कीस अपनी सारी शान-ओ-शौकत के साथ इस्लाम लाएँ, ताकि उनका इस्लाम लाना दिल से हो, न कि मजबूरी में।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को ऐसी कुदरत और इज़्ज़त देता है जो दुनिया की किसी ताक़त के पास नहीं होती। हज़रत सुलेमान अलैहिस्सलाम की यह शान उनके नबी होने की निशानी थी। साथ ही, यह भी सबक़ है कि जब हम किसी काम का इरादा करें, तो उसे अच्छी तरह सोच-समझकर और सही तदबीर (रणनीति) के साथ करें, और अल्लाह पर भरोसा रखें। अल्लाह तआला अपने बंदों की मदद करता है जब वे उसकी राह में कदम बढ़ाते हैं।
यह वाक़िया हमें यह भी बताता है कि इस्लाम की दावत में हिकमत और तदबीर की कितनी अहमियत है। सुलेमान अलैहिस्सलाम ने बिल्कीस के आने से पहले ही उसके सिंहासन को मँगवाकर यह साबित कर दिया कि अल्लाह की ताक़त के आगे दुनिया की सारी सल्तनतें बेबस हैं, और यही वजह बनी कि बिल्कीस ने अपनी क़ौम के साथ खुले दिल से इस्लाम क़बूल किया।
📜 आयत 36-40 — अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 38
सूरा अन-नमल आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (जब वह जा चुका) तो सुलेमान ने अपने अहले दरबार…सूरा आयत 38/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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