अन-नमल · 5/93
अनुवाद उच्चारण — अन-नमल
أُولَٰئِكَ الَّذِينَ لَهُمْ سُوءُ الْعَذَابِ وَهُمْ فِي الْآخِرَةِ هُمُ الْأَخْسَرُونَ ۝٥
Ulaaa`ikal lazeena lahum sooo`ul `azaabi wa hum fil Aakhirati humul akhsaroon
📖 हिंदी अर्थ
तो ये लोग भटकते फिरते हैं- यही वह लोग हैं जिनके लिए (क़यामत में) बड़ा अज़ाब है और यही लोग आख़िरत में सबसे ज्यादा घाटा उठाने वाले हैं

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • سُوءُ الْعَذَابِ — बुरा या सख्त अज़ाब (यातना)।
  • الْأَخْسَرُونَ — सबसे ज़्यादा नुक़सान उठाने वाले।

तफ़सीर (व्याख्या):

ये वे लोग हैं जिन्होंने आख़िरत (परलोक) पर ईमान नहीं रखा और न ही उसके लिए अच्छे कर्म किए। उनके बुरे काम उन्हें अच्छे लगने लगे, क्योंकि उनके दिलों पर मुहर लग चुकी थी और वे अपनी गुमराही में भटकते रहे। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ऐसे लोगों के लिए दुनिया में भी बुरा अज़ाब है — क़त्ल (हत्या), क़ैद (कैद), ज़िल्लत (अपमान) और हार-शिकस्त के रूप में। और आख़िरत में तो वे सबसे बड़ा नुक़सान उठाने वाले होंगे, क्योंकि वे अपने आपको और अपने परिवारों को जहन्नुम की आग में झोंक देंगे। वहाँ उन्हें न तो कोई सवाब (पुण्य) मिलेगा और न ही अज़ाब से छुटकारा। यही सबसे बड़ा घाटा है — जिसमें इंसान अपनी जान, अपना ईमान और अपनी आख़िरत सब कुछ खो देता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें चेतावनी देती है कि जो लोग आख़िरत को भूल जाते हैं और सिर्फ़ दुनिया के मोह में डूबे रहते हैं, वे दोनों जहानों में नुक़सान उठाते हैं। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बड़ा मेहरबान है कि उसने हमें आगाह कर दिया, ताकि हम अपनी ज़िंदगी को सँवार लें। हमें चाहिए कि हर अच्छे काम को अल्लाह की रज़ा के लिए करें और बुरे कामों से बचें, ताकि दुनिया में भी इज़्ज़त मिले और आख़िरत में भी कामयाबी हासिल हो। याद रखिए, अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी तरफ़ रुजू करते हैं और अपने गुनाहों से तौबा करते हैं। आइए, हम सब अपने अमल को दुरुस्त करें और उन लोगों में से न बनें जो आख़िरत में सबसे ज़्यादा नुक़सान उठाने वाले हों।



📜 आयत 3-7 — अन-नमल

3الَّذِينَ يُقِيمُونَ الصَّلَاةَ وَيُؤْتُونَ الزَّكَاةَ وَهُم بِالْآخِرَةِ هُمْ يُوقِنُونَ
जो नमाज़ को पाबन्दी से अदा करते हैं और ज़कात दिया करते हैं और यही लोग आख़िरत (क़यामत) का भी यक़ीन रखते हैं
4إِنَّ الَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِالْآخِرَةِ زَيَّنَّا لَهُمْ أَعْمَالَهُمْ فَهُمْ يَعْمَهُونَ
इसमें शक नहीं कि जो लोग आखिरत पर ईमान नहीं रखते (गोया) हमने ख़ुद (उनकी कारस्तानियों को उनकी नज़र में) अच्छा कर दिखाया है
5أُولَٰئِكَ الَّذِينَ لَهُمْ سُوءُ الْعَذَابِ وَهُمْ فِي الْآخِرَةِ هُمُ الْأَخْسَرُونَ
तो ये लोग भटकते फिरते हैं- यही वह लोग हैं जिनके लिए (क़यामत में) बड़ा अज़ाब है और यही लोग आख़िरत में सबसे ज्यादा घाटा उठाने वाले हैं
6وَإِنَّكَ لَتُلَقَّى الْقُرْآنَ مِن لَّدُنْ حَكِيمٍ عَلِيمٍ
और (ऐ रसूल) तुमको तो क़ुरान एक बडे वाक़िफकार हकीम की बारगाह से अता किया जाता है
7إِذْ قَالَ مُوسَىٰ لِأَهْلِهِ إِنِّي آنَسْتُ نَارًا سَآتِيكُم مِّنْهَا بِخَبَرٍ أَوْ آتِيكُم بِشِهَابٍ قَبَسٍ لَّعَلَّكُمْ تَصْطَلُونَ
(वह वाक़िया याद दिलाओ) जब मूसा ने अपने लड़के बालों से कहा कि मैने (अपनी बायीं तरफ) आग देखी है (एक ज़रा ठहरो तो) मै वहाँ से कुछ (राह की) ख़बर लाँऊ या तुम्हें एक सुलगता हुआ आग का अंगारा ला दूँ ताकि तुम तापो
अन-नमलकुरान सूची
93आयत
मक्कीRevelation
5आयत

अनुवाद — अन-नमल 5

सूरा अन-नमल आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ये लोग भटकते फिरते हैं- यही वह लोग हैं…

सूरा आयत 5/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए