Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- حَدَائِقَ: बाग़ात (बग़ीचे)
- ذَاتَ بَهْجَةٍ: ख़ूबसूरत और रौनक़दार, जिसे देखकर दिल ख़ुश हो जाए
- مَا كَانَ لَكُمْ: तुम्हारे लिए मुमकिन नहीं था
- يَعْدِلُونَ: (यहाँ) शिर्क करते हैं, अल्लाह के साथ दूसरों को बराबर ठहराते हैं
तफ़सीर:
ऐ नबी! इन मुशरिकीन से पूछो, वह कौन है जिसने आसमानों और ज़मीन को पैदा किया? किसने यह विशाल ब्रह्मांड, ये ऊँचे आसमान, ये फैली हुई ज़मीन, ये पहाड़, ये समुद्र — सब कुछ बनाया? क्या तुम्हारे ये बुत, जिन्हें तुम पूजते हो, इनमें से कुछ भी पैदा कर सकते हैं?
और वही है जिसने तुम्हारे लिए आसमान से पानी बरसाया — वह बारिश जो ज़िंदगी का ज़रिया है। उसी पानी के ज़रिए हमने तुम्हारे लिए ऐसे बाग़ात उगाए जो देखने में इतने ख़ूबसूरत और दिलकश होते हैं कि उन्हें देखकर इंसान का दिल ख़ुशी से भर जाता है। हर तरफ़ हरियाली, फूल, फल, सुंदर पेड़ — यह सब उसी पानी से निकलता है।
अब सोचो — क्या तुममें से कोई अपने बूते पर इन पेड़ों को उगा सकता है? क्या तुम उन्हें पानी देकर, मिट्टी तैयार करके, बीज बोकर भी उन्हें उगा सकते हो? हरगिज़ नहीं! यह सब अल्लाह की क़ुदरत है। वही बीज से पेड़ बनाता है, वही सूखी ज़मीन से हरियाली निकालता है।
तो क्या अल्लाह के साथ कोई और माबूद (पूज्य) है जिसने ये सब किया हो? क्या कोई और इन कामों में अल्लाह का शरीक है? हरगिज़ नहीं! लेकिन ये लोग — ये मुशरिकीन — सच्चाई से भटककर अल्लाह के साथ दूसरों को बराबर ठहरा रहे हैं। वे जानते हुए भी, या भूलकर, ख़ालिक़ (रचने वाले) की इबादत छोड़कर मख़लूक़ (पैदा किए गए) की इबादत कर रहे हैं।
यह कितनी बड़ी नाइंसाफ़ी है! जिसने ये सब नेअमतें दीं, उसे छोड़ दिया, और उन चीज़ों को पूजने लगे जो न कुछ दे सकती हैं और न कुछ छीन सकती हैं। अल्लाह की याद करो, उसकी नेअमतों पर शुक्र करो, और सिर्फ़ उसी की इबादत करो। वही अकेला इस काबिल है कि उसे पूजा जाए। उसकी रहमत और क़ुदरत के आगे सर झुकाओ, और उससे दुआ करो कि वह हमें सीधे रास्ते पर चलाए और शिर्क से बचाए।
📜 आयत 58-62 — सूरा अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 60
सूरा अन-नमल आयत 60 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : भला वह कौन है जिसने आसमान और ज़मीन को पैदा…सूरा आयत 60/93 — सूरा अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नमल सुनें, सूरा अन-नमल अनुवाद, सूरा अन-नमल mp3, सूरा अन-नमल pdf. आयत 58–62. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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