अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَحْسَبُهَا جَامِدَةً: तुम उन्हें स्थिर और गतिहीन समझोगे।
- تَمُرُّ مَرَّ السَّحَابِ: बादलों की तरह तेज़ी से गुज़रेंगी।
- صُنْعَ اللَّهِ: अल्लाह का कार्य (जो उसने किया)।
- أَتْقَنَ: पूर्ण रूप से मज़बूत और व्यवस्थित बनाया।
- خَبِيرٌ: पूर्ण जानकार, हर चीज़ से अवगत।
तफ़सीर (व्याख्या):
हे नबी! उस दिन (क़ियामत के दिन) तुम पहाड़ों को देखोगे और उन्हें स्थिर और जमे हुए समझोगे, लेकिन वास्तव में वे बादलों की तरह तेज़ी से चल रहे होंगे। यह उनकी महानता और विशालता के कारण है कि आँख उनकी गति को भाँप नहीं पाएगी, और वे ऐसे प्रतीत होंगे जैसे अपनी जगह पर जमे हैं, जबकि वे उखड़कर राख और धूल बनने की ओर बढ़ रहे होंगे। यह सब अल्लाह का कार्य है, जिसने हर चीज़ को पूर्ण कौशल और व्यवस्था के साथ बनाया है। वही उन्हें इस प्रकार गतिशील करेगा, और यह उसकी क़ुदरत (शक्ति) का प्रमाण है कि वह जिसे चाहे जिस हालत में कर दे।
यह अल्लाह की उस क़ुदरत की याद दिलाता है जो हर चीज़ पर हावी है। जिसने पहाड़ों जैसी भारी और मज़बूत चीज़ों को बादलों की तरह हल्का और गतिशील बना सकता है, वह निश्चित रूप से हर काम पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है। वह तुम्हारे सभी कर्मों से पूर्ण रूप से अवगत है—चाहे वे छिपे हों या खुले, छोटे हों या बड़े। उसकी जानकारी से कोई भी चीज़ बाहर नहीं है, और वह तुम्हें तुम्हारे कर्मों का पूरा बदला देगा—अच्छे कर्मों का अच्छा बदला और बुरे कर्मों का उचित दंड।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह की महानता और उसकी क़ुदरत पर गहराई से विचार करने की प्रेरणा देती है। जब हम पहाड़ों को देखते हैं—जो इस दुनिया में सबसे मज़बूत और स्थिर चीज़ों में से हैं—तो हमें याद रखना चाहिए कि अल्लाह की शक्ति के आगे वे भी बेबस हैं। यह हमें सिखाता है कि इस दुनिया की हर चीज़ फ़ानी (नाशवान) है, और केवल अल्लाह ही बाक़ी रहने वाला है। इसलिए हमें अपने जीवन को उसकी रज़ा (प्रसन्नता) के अनुसार ढालना चाहिए, क्योंकि वह हमारे हर काम को देख रहा है और हमारे हर अच्छे काम का बदला देने वाला है। यह हमारे दिलों में अल्लाह का खौफ़ और उसकी रहमत की उम्मीद दोनों पैदा करता है—खौफ़ इसलिए कि हम बुराई से बचें, और उम्मीद इसलिए कि हम अच्छाई पर डटे रहें। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत की ओर ले जाता है, जहाँ कोई दर्द, कोई थकान और कोई अंत नहीं है।
📜 आयत 86-90 — अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 88
सूरा अन-नमल आयत 88 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम पहाड़ों को देखकर उन्हें मज़बूर जमे हुए समझतें…सूरा आयत 88/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 86–90. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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