अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصُّور (सूर): एक विशेष सींग (नरसिंगा) जिसमें इसराफील (अलैहिस्सलाम) फूँक मारेंगे।
- فَزِعَ (फ़ज़िआ): अत्यधिक भयभीत होना, घबरा जाना।
- دَاخِرِينَ (दाख़िरीन): अपमानित, वशीभूत, पूर्ण रूप से आज्ञाकारी होकर झुके हुए।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! उस दिन को याद करो जब इसराफील (अलैहिस्सलाम) सूर (नरसिंगा) में फूँक मारेंगे। यह फूँक इतनी भयावह होगी कि आसमानों और ज़मीन में जितने भी प्राणी हैं, सभी पर अत्यधिक भय और घबराहट छा जाएगी। हर कोई इस हौलनाक मंज़र से काँप उठेगा। हालाँकि, अल्लाह तआला ने जिन्हें अपनी विशेष रहमत से इस भय से बचा लिया — जैसे कुछ फ़रिश्ते, हूरें और विशेष बंदे — वे इस भय से محفوظ रहेंगे। यह अल्लाह का विशेष अनुग्रह और कृपा होगी।
फिर उसी दिन सभी प्राणी — आसमान वाले और ज़मीन वाले — अपने रब की ओर इस हालत में हाज़िर होंगे कि वे पूरी तरह वशीभूत, झुके हुए और अपमानित होंगे। कोई भी अपनी तरफ़ से कोई बात कहने की हिम्मत नहीं करेगा। हर कोई अल्लाह के हुक्म के आगे सर झुकाए खड़ा होगा।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि इस दुनिया की ज़िंदगी अस्थायी है। जिस अल्लाह ने हमें पैदा किया, उसी की तरफ़ हमें लौटना है। इसलिए हमें चाहिए कि आज ही अपने जीवन को अल्लाह की रज़ा के अनुसार ढालें, उसकी इबादत करें और उसके हुक्मों का पालन करें। जो लोग आज अल्लाह के आगे झुकेंगे और उसकी आज्ञा मानेंगे, वे उस भयानक दिन अल्लाह की पनाह में होंगे और उस भय से محفوظ रहेंगे। यही सच्ची कामयाबी है — कि हम अपने रब के सामने आज भी वैसे ही झुके रहें, जैसे उस दिन सबको झुकना ही है।
📜 आयत 85-89 — अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 87
सूरा अन-नमल आयत 87 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (उस दिन याद करो) जिस दिन सूर फूँका जाएगा…सूरा आयत 87/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 85–89. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








