Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تَوَجَّهَ: रुख किया, चल पड़ा
- تِلْقَاءَ: की ओर, की तरफ
- مَدْيَنَ: मदयन (शुऐब अलैहिस्सलाम का शहर)
- عَسَى: आशा है, उम्मीद है
- يَهْدِيَنِي: मुझे मार्गदर्शन करे
- سَوَاءَ السَّبِيلِ: सीधा और सही रास्ता
तफसीर:
जब मूसा अलैहिस्सलाम फ़िरऔन के इलाके से निकलकर मदयन की तरफ रुख करके चले, तो वे एक अनजान रास्ते पर थे। उन्हें मदयन का रास्ता नहीं मालूम था, और वे अकेले थे, बिना किसी साथी के, बिना किसी मार्गदर्शक के। उस वक्त उन्होंने अपने रब से गुहार लगाई और कहा: "उम्मीद है मेरा रब मुझे सीधा और सही रास्ता दिखाएगा।"
यह दुआ मूसा अलैहिस्सलाम की तौहीद और अल्लाह पर भरोसे की गवाही है। उन्होंने यह नहीं कहा कि मैं रास्ता खोज लूँगा, बल्कि उन्होंने अल्लाह की तरफ रुजू किया और उसी से हिदायत माँगी। यह एक मोमिन की पहचान है कि वह हर मुश्किल में अल्लाह को याद करता है और उसी से मदद माँगता है।
इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ा सबक है। जब इंसान किसी काम में पड़ता है और रास्ता नहीं सूझता, तो उसे चाहिए कि वह अल्लाह से दुआ करे और उसी से हिदायत माँगे। अल्लाह उसे ज़रूर रास्ता दिखाता है, जैसे उसने मूसा अलैहिस्सलाम को रास्ता दिखाया और उन्हें मदयन पहुँचाया, जहाँ उन्हें राहत और आराम मिला।
यह दुआ हमें सिखाती है कि हर मुश्किल में अल्लाह की तरफ रुजू करें, क्योंकि अल्लाह ही है जो रास्ते दिखाता है, दिलों को सुकून देता है और मुश्किलों से निकालता है। जो अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसके लिए हर मुश्किल से निकलने का रास्ता बनाता है।
📜 आयत 20-24 — सूरा अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 22
सूरा अल-क़सस आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब मदियन की तरफ रुख़ किया (और रास्ता मालूम…सूरा आयत 22/88 — सूरा अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़सस सुनें, सूरा अल-क़सस अनुवाद, सूरा अल-क़सस mp3, सूरा अल-क़सस pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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