अल-क़सस · 6/88
अनुवाद उच्चारण — अल-क़सस
وَنُمَكِّنَ لَهُمْ فِي الْأَرْضِ وَنُرِيَ فِرْعَوْنَ وَهَامَانَ وَجُنُودَهُمَا مِنْهُم مَّا كَانُوا يَحْذَرُونَ ۝٦
Wa numakkina lahum fil ardi wa nuriya Fir`awna wa Haamaana wa junoodahumaa minhum maa kaanoo yahzaroon
📖 हिंदी अर्थ
और उन्हीं को रुए ज़मीन पर पूरी क़ुदरत अता करे और फिरऔन और हामान और उन दोनों के लश्करो को उन्हीं कमज़ोरों के हाथ से वह चीज़ें दिखायें जिससे ये लोग डरते थे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • नुमक्किन: हम सत्ता और अधिकार देंगे, स्थापित करेंगे।
  • फ़िरऔन: मिस्र का ज़ालिम शासक।
  • हामान: फ़िरऔन का प्रधानमंत्री और उसका सबसे बड़ा सहायक।
  • जुनूदुहुमा: उन दोनों (फ़िरऔन और हामान) की सेनाएँ।
  • यहज़रून: वे डरते थे, जिससे वे सावधान रहते थे।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने अपनी असीम कुदरत और हिकमत से बनी इसराईल के उस कमज़ोर और मज़लूम समुदाय के बारे में फ़रमाया कि हम उन्हें धरती पर सत्ता और अधिकार प्रदान करेंगे। यानी हम उन्हें मिस्र और शाम (सीरिया) की ज़मीन का मालिक बनाएँगे और उनके लिए उसे स्थायी निवास स्थान बनाएँगे। यह अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है कि वह मज़लूमों को ज़ालिमों के मुक़ाबले में उठाता है और उन्हें ज़मीन का वारिस बनाता है।

इसके साथ ही अल्लाह ने यह भी बताया कि हम फ़िरऔन, हामान और उनकी सेनाओं को बनी इसराईल के हाथों वह चीज़ दिखाएँगे जिससे वे डरते थे। दरअसल, फ़िरऔन को अपने ज्योतिषियों और काहिनों से पता चल गया था कि बनी इसराईल में एक बच्चा पैदा होगा जो उसके राज्य का अंत कर देगा और उसकी सत्ता को खत्म कर देगा। इसलिए फ़िरऔन ने बनी इसराईल के नवजात लड़कों को क़त्ल करने का आदेश दे दिया था। लेकिन अल्लाह की तदबीर (योजना) उसकी तदबीर से बिल्कुल अलग थी। अल्लाह ने उसी खतरे को फ़िरऔन के लिए मुसीबत बना दिया और उसी बच्चे (हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम) के हाथों फ़िरऔन का सर्वनाश हुआ।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। जब अल्लाह किसी क़ौम की मदद करने का इरादा करता है, तो कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती। ज़ालिम चाहे कितनी भी तैयारी कर लें, लेकिन अल्लाह की योजना के आगे उनकी सारी योजनाएँ नाकाम हो जाती हैं। यही वादा आज भी उन मुसलमानों के लिए है जो कमज़ोर और मज़लूम हैं — अल्लाह उन्हें ज़मीन का वारिस बनाएगा और उनके दुश्मनों को उनके डर का नतीजा दिखाएगा। यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, बशर्ते हम सब्र करें और अल्लाह पर पूरा भरोसा रखें।

🎧 सुनें

📜 आयत 4-8 — अल-क़सस

4إِنَّ فِرْعَوْنَ عَلَا فِي الْأَرْضِ وَجَعَلَ أَهْلَهَا شِيَعًا يَسْتَضْعِفُ طَائِفَةً مِّنْهُمْ يُذَبِّحُ أَبْنَاءَهُمْ وَيَسْتَحْيِي نِسَاءَهُمْ ۚ إِنَّهُ كَانَ مِنَ الْمُفْسِدِينَ
बेशक फिरऔन ने (मिस्र की) सरज़मीन में बहुत सर उठाया था और उसने वहाँ के रहने वालों को कई गिरोह कर दिया था उनमें से एक गिरोह (बनी इसराइल) को आजिज़ कर रखा थ कि उनके बेटों को ज़बाह करवा देता था और उनकी औरतों (बेटियों) को ज़िन्दा छोड़ देता था बेशक वह भी मुफ़सिदों में था
5وَنُرِيدُ أَن نَّمُنَّ عَلَى الَّذِينَ اسْتُضْعِفُوا فِي الْأَرْضِ وَنَجْعَلَهُمْ أَئِمَّةً وَنَجْعَلَهُمُ الْوَارِثِينَ
और हम तो ये चाहते हैं कि जो लोग रुए ज़मीन में कमज़ोर कर दिए गए हैं उनपर एहसान करे और उन्हींको (लोगों का) पेशवा बनाएँ और उन्हीं को इस (सरज़मीन) का मालिक बनाएँ
6وَنُمَكِّنَ لَهُمْ فِي الْأَرْضِ وَنُرِيَ فِرْعَوْنَ وَهَامَانَ وَجُنُودَهُمَا مِنْهُم مَّا كَانُوا يَحْذَرُونَ
और उन्हीं को रुए ज़मीन पर पूरी क़ुदरत अता करे और फिरऔन और हामान और उन दोनों के लश्करो को उन्हीं कमज़ोरों के हाथ से वह चीज़ें दिखायें जिससे ये लोग डरते थे
7وَأَوْحَيْنَا إِلَىٰ أُمِّ مُوسَىٰ أَنْ أَرْضِعِيهِ ۖ فَإِذَا خِفْتِ عَلَيْهِ فَأَلْقِيهِ فِي الْيَمِّ وَلَا تَخَافِي وَلَا تَحْزَنِي ۖ إِنَّا رَادُّوهُ إِلَيْكِ وَجَاعِلُوهُ مِنَ الْمُرْسَلِينَ
और हमने मूसा की माँ के पास ये वही भेजी कि तुम उसको दूध पिला लो फिर जब उसकी निस्बत तुमको कोई ख़ौफ हो तो इसको (एक सन्दूक़ में रखकर) दरिया में डाल दो और (उस पर) तुम कुछ न डरना और न कुढ़ना (तुम इतमेनान रखो) हम उसको फिर तुम्हारे पास पहुँचा देगें और उसको (अपना) रसूल बनाएँगें
8فَالْتَقَطَهُ آلُ فِرْعَوْنَ لِيَكُونَ لَهُمْ عَدُوًّا وَحَزَنًا ۗ إِنَّ فِرْعَوْنَ وَهَامَانَ وَجُنُودَهُمَا كَانُوا خَاطِئِينَ
(ग़रज़ मूसा की माँ ने दरिया में डाल दिया) वह सन्दूक़ बहते बहते फिरऔन के महल के पास आ लगा तो फिरऔन के लोगों ने उसे उठा लिया ताकि (एक दिन यही) उनका दुश्मन और उनके राज का बायस बने इसमें शक नहीं कि फिरऔन और हामान उन दोनों के लश्कर ग़लती पर थे
अल-क़ससकुरान सूची
88आयत
मक्कीRevelation
6आयत

अनुवाद — अल-क़सस 6

सूरा अल-क़सस आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन्हीं को रुए ज़मीन पर पूरी क़ुदरत अता करे…

सूरा आयत 6/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए