अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَأَنجَيْنَاهُ: हमने उसे (नूह अलैहिस्सलाम को) बचा लिया।
- أَصْحَابَ السَّفِينَةِ: कश्ती में सवार लोग (नूह के साथी)।
- آيَةً: निशानी, सबक़, इबरत।
- لِّلْعَالَمِينَ: सारे जहान के लोगों के लिए।
तफ़सीर:
जब नूह अलैहिस्सलाम की क़ौम ने हर हद पार कर दी और हक़ का पैग़ाम क़बूल करने से इनकार कर दिया, तो अल्लाह तआला ने उन पर तूफ़ान भेजा। उस विनाशकारी तूफ़ान में अल्लाह ने अपने नबी नूह को और उन ईमानवालों को, जो उनके साथ कश्ती में सवार थे, सुरक्षित निकाल लिया। यह अल्लाह की रहमत और क़ुदरत का नमूना था कि जब सारी दुनिया पानी में डूब रही थी, उस वक़्त भी अल्लाह ने अपने नेक बंदों को महफ़ूज़ रखा।
अल्लाह ने इस कश्ती (या इस अज़ाब) को सारे जहान के लोगों के लिए एक निशानी और सबक़ बना दिया। यानी यह वाक़िया सिर्फ़ उस ज़माने के लिए नहीं था, बल्कि क़यामत तक आने वाली नस्लों के लिए एक रौशन निशानी है कि अल्लाह की नाफ़रमानी का अंजाम तबाही है, और उसकी इताअत और ईमान ही नजात का ज़रिया है। यह कश्ती इस बात की गवाह है कि अल्लाह तआला अपने वादे में सच्चा है — वह अपने नबियों की मदद करता है और अपने दुश्मनों को हलाक करता है।
दावती पहलू:
इस आयत में हमारे लिए बड़ी प्यारी शिक्षा है — जब इंसान अल्लाह पर भरोसा करके उसकी राह पर चलता है, तो अल्लाह उसे हर मुश्किल से निकाल लेता है। जिस तरह नूह अलैहिस्सलाम ने सैकड़ों साल तक दावत दी, मगर क़ौम ने ठुकराया, फिर भी अल्लाह ने उन्हें अकेला नहीं छोड़ा और उनके ईमान का फल उन्हें दिया। यह हमें सिखाता है कि हम भी अपनी ज़िंदगी में सब्र और ईमान के साथ डटे रहें — अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, चाहे हालात कितने भी बुरे क्यों न हों। यह कश्ती आज भी हर उस शख्स के लिए रहनुमा है जो अल्लाह की पनाह चाहता है — कि सच्चा सहारा सिर्फ़ अल्लाह है, और उसकी रहमत से बड़ी कोई ताक़त नहीं।
📜 आयत 13-17 — सूरा अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 15
सूरा अल-अंकबूत आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हमने नूह और कश्ती में रहने वालों को बचा…सूरा आयत 15/69 — सूरा अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंकबूत सुनें, सूरा अल-अंकबूत अनुवाद, सूरा अल-अंकबूत mp3, सूरा अल-अंकबूत pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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