अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَلَبِثَ: रुके रहे, ठहरे रहे।
- الطُّوفَانُ: वह सैलाब (पानी का तूफ़ान) जो हर चीज़ को घेर ले और डुबो दे।
- ظَالِمُونَ: अत्याचारी, काफ़िर, जो अपने ऊपर ज़ुल्म कर रहे थे (शिर्क और नाफ़रमानी के कारण)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) को उनकी क़ौम की ओर रसूल बनाकर भेजा। वे अपनी क़ौम के बीच नौ सौ पचास (950) साल तक रहे — यानी एक हज़ार साल कम पचास साल। इस लंबी अवधि में उन्होंने दिन-रात अपनी क़ौम को तौहीद (एक अल्लाह की इबादत) की ओर बुलाया, शिर्क से डराया, और उन्हें अल्लाह के अज़ाब से सावधान किया। मगर उनकी क़ौम ने उनकी दावत को ठुकराया, उन्हें झुठलाया और अपने कुफ़्र और सरकशी पर अड़ी रही। हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने जब देखा कि उनकी क़ौम ईमान नहीं लाएगी, तो उन्होंने अल्लाह से उनके लिए हलाकत की दुआ माँगी। आख़िरकार अल्लाह का फ़ैसला आया — उन पर तूफ़ान (सैलाब) भेजा गया, जिसने उन्हें पूरी तरह डुबो दिया। वे उस वक़्त भी ज़ालिम थे, यानी अपने शिर्क और नाफ़रमानी के कारण अपनी जानों पर ज़ुल्म कर रहे थे। यह घटना हमारे लिए बड़ी सबक़ है — अल्लाह की दावत को ठुकराने वालों का अंजाम क्या होता है, और सब्र व दावत में हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की सीरत हमारे लिए मिसाल है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि नबी और दावत देने वालों को सब्र और मेहनत से काम लेना चाहिए। हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने 950 साल तक अपनी क़ौम को बुलाया, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। यह हमारे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है कि हम अपने परिवार, समाज और दोस्तों को अच्छाई की ओर बुलाते रहें, चाहे लोग मानें या न मानें। साथ ही, यह आयत अल्लाह के अज़ाब से डराती है — जो लोग हक़ को ठुकराते हैं और ज़ुल्म पर अड़े रहते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होता है। अल्लाह रहम करने वाला है, मगर उसकी पकड़ भी बहुत सख़्त है। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में तौहीद को अपनाएँ, शिर्क और गुनाहों से बचें, और अल्लाह के रसूलों (अलैहिमुस्सलाम) की सीरत से सबक़ लें। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की मदद हमेशा सच्चे बंदों के साथ होती है — नूह (अलैहिस्सलाम) और उनके साथी बच गए, जबकि ज़ालिम डूब गए।
📜 आयत 12-16 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 14
सूरा अल-अंकबूत आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने नूह को उनकी क़ौम के पास (पैग़म्बर बनाकर)…सूरा आयत 14/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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