अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَسْتَعْجِلُونَكَ – वे आपसे जल्दी माँगते हैं
- أَجَلٌ مُسَمًّى – एक निर्धारित समय
- بَغْتَةً – अचानक
- لَا يَشْعُرُونَ – उन्हें इसका एहसास नहीं होता
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! ये मुशरिकीन (बहुदेववादी) आपसे ताना मारते हुए अज़ाब (यातना) को जल्दी लाने की माँग करते हैं, और मज़ाक़ के तौर पर कहते हैं कि "अगर तुम सच्चे हो तो हम पर आसमान से पत्थर बरसाओ।" लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि अल्लाह की यातना उनके कहने से नहीं आती, बल्कि अल्लाह की इच्छा और उसकी योजना के अनुसार आती है।
अगर अल्लाह ने अपनी बुद्धि और न्याय से उनके अज़ाब के लिए एक निश्चित समय निर्धारित नहीं किया होता, जो न आगे बढ़ता है और न पीछे, तो जिस पल उन्होंने माँग की होती, उसी पल अज़ाब उन पर आ जाता। लेकिन अल्लाह की रहमत और हिकमत (बुद्धिमत्ता) यह है कि उसने हर चीज़ के लिए एक वक़्त मुक़र्रर किया है।
और यह अज़ाब उन पर ज़रूर आएगा, लेकिन अचानक और इस तरह से कि उन्हें इसका ज़रा भी एहसास न होगा। न वे इसे रोक सकेंगे, न उससे बच सकेंगे। यह अज़ाब दुनिया में भी आ सकता है, जैसे बद्र के दिन आया, और आख़िरत में भी आएगा जब मौत उनके पास आएगी और वे अल्लाह के सामने हाज़िर होंगे।
दावती पहलू (आमंत्रण का पहलू):
ऐ अल्लाह के बंदो! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की यातना से डरना चाहिए और उसकी रहमत की तरफ भागना चाहिए। अल्लाह ने हमें मोहलत (समय) दी है ताकि हम तौबा करें, अपने गुनाहों से बाज़ आएं और अच्छे कामों की तरफ लौटें। यह मोहलत हमारे लिए रहमत है, लेकिन अगर हम इसे ग़फ़लत में गुज़ार दें, तो अज़ाब अचानक आ सकता है जब हमें इसका एहसास भी न हो।
इसलिए आज ही अपनी ज़िंदगी को सुधारें, नमाज़ क़ायम करें, अल्लाह से माफ़ी माँगें और उसकी राह पर चलें। अल्लाह बहुत मेहरबान है, वह तौबा करने वालों को प्यार करता है और उनके गुनाह माफ़ कर देता है। उसकी रहमत उसके अज़ाब से कहीं बड़ी है।
📜 आयत 51-55 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 53
सूरा अल-अंकबूत आयत 53 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) तुमसे लोग अज़ाब के नाज़िल होने की…सूरा आयत 53/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 51–55. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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