अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَخَّرَ (सख़्ख़रा): अधीन किया, वश में किया।
- يُؤْفَكُونَ (यु'फ़कून): पलटाए जाते हैं, सत्य से भटकाए जाते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! यदि आप इन मुशरिकीन (बहुदेववादियों) से पूछें कि आसमानों और ज़मीन को किसने पैदा किया? और सूरज व चाँद को किसने अपने आदेश के अधीन किया, जो बड़ी व्यवस्था और नियमितता के साथ चल रहे हैं? तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के कहेंगे: "अल्लाह ने।" यह बात उनके दिलों में रची-बसी है, क्योंकि उनकी फ़ितरत (स्वाभाविक प्रवृत्ति) इस सत्य की गवाही देती है कि इस विशाल ब्रह्मांड का कोई एक सर्वशक्तिमान रचयिता है।
फिर यही लोग जब यह स्वीकार करते हैं कि अल्लाह ही सब कुछ पैदा करने वाला और प्रबंधन करने वाला है, तो वे उसकी इबादत क्यों नहीं करते? वे उसके साथ दूसरों को क्यों शरीक करते हैं? वे ऐसे देवताओं की पूजा करते हैं जो न उन्हें लाभ पहुँचा सकते हैं और न हानि। क्या यह उनकी समझ की कमी और सत्य से भटकाव नहीं है?
यह आयत उनके इस विरोधाभास पर अचरज और ताड़ना (फटकार) व्यक्त करती है। जब वे स्वयं मानते हैं कि अल्लाह ही सृष्टिकर्ता है, तो फिर वे उसकी इबादत से कैसे पलटाए जाते हैं? उन्हें तो केवल अल्लाह की इबादत करनी चाहिए और उसी के आगे झुकना चाहिए।
यह आयत हमें सिखाती है कि हर इंसान के अंदर अल्लाह की पहचान की फ़ितरती (स्वाभाविक) समझ मौजूद है। जब कोई व्यक्ति इस फ़ितरत को साफ रखता है, तो वह सत्य को पहचान लेता है और अपने रब की इबादत में लग जाता है। यही सबसे बड़ी सफलता है। अल्लाह हम सबको सत्य को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 59-63 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 61
सूरा अल-अंकबूत आयत 61 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) अगर तुम उनसे पूछो कि (भला) किसने सारे…सूरा आयत 61/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 59–63. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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