आल-इमरान · 107/200
अनुवाद उच्चारण — सूरा आल-इमरान
وَأَمَّا الَّذِينَ ابْيَضَّتْ وُجُوهُهُمْ فَفِي رَحْمَةِ اللَّهِ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ ۝١٠٧
Wa ammal lazeenabyadd at wujoohuhum fafee rahmatil laahi hum feehaa khaalidoon
📖 हिंदी अर्थ
और जिनके चेहरे पर नूर बरसता होगा वह तो ख़ुदा की रहमत(बहिश्त) में होंगे (और) उसी में सदा रहेंगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ابْيَضَّتْ وُجُوهُهُمْ: उनके चेहरे सफेद (नूरानी) हो गए, जो खुशी और नेमत की निशानी है।
  • رَحْمَةِ اللَّهِ: अल्लाह की रहमत, यानी जन्नत।
  • خَالِدُونَ: हमेशा रहने वाले, सदैव बने रहने वाले।

तफसीर:

जिन लोगों के चेहरे (क़ियामत के दिन) सफेद और नूरानी होंगे, वे अल्लाह की रहमत (जन्नत) में होंगे। यह सफेदी उनके ईमान, नेक अमल और अल्लाह की रहमत का नतीजा होगी। वे जन्नत की नेमतों में हमेशा-हमेशा के लिए रहेंगे, और वहाँ से कभी निकाले नहीं जाएँगे। उनके लिए हर तरह की खुशी, आराम और इज़्ज़त होगी, और वे उस आनंद में सदैव बने रहेंगे जो कभी खत्म नहीं होगा और न ही बदलेगा। यह उन लोगों का इनाम है जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की इबादत की, उसके हुक्मों का पालन किया और उसकी राह में नेक काम किए।

फ़ायदे:

  1. यह आयत मोमिनिन के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है कि उनका अंजाम जन्नत है, जहाँ वे हमेशा रहेंगे। यह उन्हें दुनिया में नेक काम करने की ताकत और हिम्मत देती है।
  2. इससे पता चलता है कि अल्लाह की रहमत उसके नेक बंदों के लिए बहुत बड़ी है, और वह उन्हें उनके अमल से कहीं बढ़कर इनाम देगा।
  3. यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपने चेहरे को नेकियों से नूरानी बनाना चाहिए, क्योंकि चेहरे की सफेदी और नूर दिल की सफाई और अच्छे अमल का नतीजा होता है।
  4. जन्नत की हमेशा रहने वाली नेमतें हमें दुनिया की फ़ानी (खत्म होने वाली) चीज़ों से बेराग़ब करती हैं और आख़िरत की तरफ हमारा रुख कराती हैं।


📜 आयत 105-109 — सूरा आल-इमरान

105وَلَا تَكُونُوا كَالَّذِينَ تَفَرَّقُوا وَاخْتَلَفُوا مِن بَعْدِ مَا جَاءَهُمُ الْبَيِّنَاتُ ۚ وَأُولَٰئِكَ لَهُمْ عَذَابٌ عَظِيمٌ
और तुम (कहीं) उन लोगों के ऐसे न हो जाना जो आपस में फूट डाल कर बैठ रहे और रौशन (दलील) आने के बाद भी एक मुंह एक ज़बान न रहे और ऐसे ही लोगों के वास्ते बड़ा (भारी) अज़ाब है
106يَوْمَ تَبْيَضُّ وُجُوهٌ وَتَسْوَدُّ وُجُوهٌ ۚ فَأَمَّا الَّذِينَ اسْوَدَّتْ وُجُوهُهُمْ أَكَفَرْتُم بَعْدَ إِيمَانِكُمْ فَذُوقُوا الْعَذَابَ بِمَا كُنتُمْ تَكْفُرُونَ
(उस दिन से डरो) जिस दिन कुछ लोगों के चेहरे तो सफैद नूरानी होंगे और कुछ (लोगो) के चेहरे सियाह जिन लोगों के मुहॅ में कालिक होगी (उनसे कहा जायेगा) हाए क्यों तुम तो ईमान लाने के बाद काफ़िर हो गए थे अच्छा तो (लो) (अब) अपने कुफ़्र की सज़ा में अज़ाब (के मजे) चखो
107وَأَمَّا الَّذِينَ ابْيَضَّتْ وُجُوهُهُمْ فَفِي رَحْمَةِ اللَّهِ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ
और जिनके चेहरे पर नूर बरसता होगा वह तो ख़ुदा की रहमत(बहिश्त) में होंगे (और) उसी में सदा रहेंगे
108تِلْكَ آيَاتُ اللَّهِ نَتْلُوهَا عَلَيْكَ بِالْحَقِّ ۗ وَمَا اللَّهُ يُرِيدُ ظُلْمًا لِّلْعَالَمِينَ
(ऐ रसूल) ये ख़ुदा की आयतें हैं जो हम तुमको ठीक (ठीक) पढ़ के सुनाते हैं और ख़ुदा सारे जहॉन के लोगों (से किसी) पर जुल्म करना नहीं चाहता
109وَلِلَّهِ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۚ وَإِلَى اللَّهِ تُرْجَعُ الْأُمُورُ
और जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है (सब) ख़ुदा ही का है और (आख़िर) सब कामों की रूज़ु ख़ुदा ही की तरफ़ है
आल-इमरानकुरान सूची
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107आयत

अनुवाद — आल-इमरान 107

सूरा आल-इमरान आयत 107 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिनके चेहरे पर नूर बरसता होगा वह तो ख़ुदा…

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Thursday, October 1, 2026

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