Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَقُومَ السَّمَاءُ وَالْأَرْضُ: आकाश और धरती का क़ायम रहना, यानी अपनी जगह पर स्थिर और टिका रहना।
- بِأَمْرِهِ: उसके हुक्म और आदेश से।
- دَعَاكُمْ دَعْوَةً: वह तुम्हें पुकारे, एक ही पुकार।
- مِنَ الْأَرْضِ: यानी क़ब्रों से (ज़मीन के अंदर से)।
- تَخْرُجُونَ: तुम निकल पड़ो (क़ब्रों से जीवित होकर)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला की क़ुदरत की निशानियों में से एक बहुत बड़ी निशानी यह है कि यह विशाल आकाश और यह चौड़ी धरती उसके हुक्म से क़ायम हैं। आकाश बिना किसी स्तंभ के ऊपर टिका हुआ है और धरती बिना किसी सहारे के फैली हुई है। न आकाश धरती पर गिरता है, न धरती अपनी जगह से हिलती है। यह सब उसी अल्लाह के आदेश से है, जिसने इन्हें पैदा किया और इन्हें क़ायम रखा है। यह उसकी तौहीद (एकता) और उसकी असीम शक्ति की सबसे बड़ी गवाही है।
फिर उसी शक्ति का एक और अद्भुत प्रदर्शन यह होगा कि जब अल्लाह तआला क़यामत के दिन अपनी पुकार लगाएगा — इसराफ़ील (अलैहिस्सलाम) के सूर (नरसिंगा) में फूँक मारने के ज़रिए — तो वह पुकार सुनते ही सारे मुर्दे अपनी क़ब्रों से निकल पड़ेंगे। वे बिना किसी रुकावट, बिना किसी इनकार के, तेज़ी से उठ खड़े होंगे और हिसाब के लिए चल पड़ेंगे। जिस तरह अल्लाह ने आकाश और धरती को बिना किसी सहारे के क़ायम रखा है, उसी तरह वह मुर्दों को भी ज़िंदा करके उनकी क़ब्रों से निकालने पर पूरी तरह क़ादिर है।
यह आयत हमें सिखाती है कि जिस अल्लाह ने इतनी बड़ी कायनात (ब्रह्मांड) को अपने हुक्म से थाम रखा है, उसके लिए मुर्दों को दोबारा ज़िंदा करना बिल्कुल आसान है। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी में उसी की इबादत करनी चाहिए, उसी के हुक्मों का पालन करना चाहिए, और उस दिन के लिए तैयारी करनी चाहिए जब हम सब उसके सामने हाज़िर होंगे। यह हमारे लिए एक चेतावनी भी है और एक खुशखबरी भी — चेतावनी इसलिए कि हम अपने अमलों का हिसाब देंगे, और खुशखबरी इसलिए कि अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उस पर ईमान लाए और नेक अमल करें। आओ, हम उस अल्लाह के सच्चे बंदे बनें जो हमें मौत के बाद ज़िंदा करके उठाएगा और अपनी जन्नत में दाखिल करेगा।
📜 आयत 23-27 — सूरा अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 25
सूरा अर-रूम आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसी की (क़ुदरत की) निशानियों में से एक ये…सूरा आयत 25/60 — सूरा अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-रूम सुनें, सूरा अर-रूम अनुवाद, सूरा अर-रूम mp3, सूरा अर-रूम pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


