अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- हुदाहा: उसका मार्गदर्शन, यानी ईमान की तौफ़ीक़ और सीधे रास्ते की समझ।
- ह़क़्क़ल क़ौल: मेरी ओर से यह बात सिद्ध और अटल हो चुकी है।
- अजमईन: सब मिलकर, समस्त।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि अगर हम चाहते तो हर इंसान को उसका मार्गदर्शन दे देते, यानी हर नफ़्स को ईमान और हिदायत की तौफ़ीक़ अता कर देते और उसे ईमान लाने पर मजबूर कर देते। लेकिन अल्लाह की हिक्मत और अदल यही था कि उसने इंसान को इख़्तियार (स्वतंत्र विकल्प) दिया, ताकि वह अपनी मर्ज़ी से ईमान और अच्छे कर्मों का रास्ता चुने। यही इम्तिहान का मक़सद है।
लेकिन अल्लाह का वह फ़ैसला पहले से तय हो चुका है जो उसने फ़रमाया: "मैं जहन्नम को जिन्नों और इंसानों से भर दूँगा।" यह बात अटल है और इसका कारण यह है कि बहुत से लोगों ने अपनी स्वतंत्र इच्छा से कुफ्र और गुमराही को चुना, हिदायत और ईमान को ठुकरा दिया। उन्होंने सत्य को देखते हुए भी उसे नहीं अपनाया और अपने लिए जहन्नम का रास्ता खुद चुना।
यहाँ एक बड़ी हिक्मत यह है कि अल्लाह ने किसी पर ज़ुल्म नहीं किया, बल्कि उन्होंने खुद अपने कर्मों से यह अंजाम कमाया। अल्लाह की रहमत और हिदायत का दरवाज़ा हर किसी के लिए खुला था, लेकिन जिन्होंने उसे ठुकराया, उनका अंजाम जहन्नम है। यह अल्लाह का अदल और हिक्मत है।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अपनी ज़िंदगी में ईमान और नेक अमल को अपनाना चाहिए, क्योंकि अल्लाह ने हमें अक़्ल और इख़्तियार दिया है। हमें उस रास्ते पर चलना चाहिए जो अल्लाह को पसंद है, ताकि हम उस अटल फ़ैसले से बच सकें जो गुमराहों के लिए है। अल्लाह की रहमत बहुत बड़ी है और वह चाहता है कि हम उसकी ओर रुजू करें, लेकिन हमें खुद आगे बढ़कर उसकी हिदायत को क़बूल करना होगा।
📜 आयत 11-15 — अस-सजदा
अनुवाद — अस-सजदा 13
सूरा अस-सजदा आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अब तो हमको (क़यामत का)े पूरा पूरा यक़ीन है…सूरा आयत 13/30 — अस-सजदा السجدة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-सजदा सुनें, अस-सजदा अनुवाद, अस-सजदा mp3, अस-सजदा pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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