Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَاكِسُو رُءُوسِهِمْ — अपने सिर झुकाए हुए (शर्म और अपमान से)
- أَبْصَرْنَا — हमने देख लिया (अब हमें सत्य दिखाई दे गया)
- فَارْجِعْنَا — हमें वापस भेज दे (दुनिया में)
- مُوقِنُونَ — हमें अब पूर्ण विश्वास हो गया है
विस्तृत तफसीर:
ऐ नबी! काश तुम उस भयानक दृश्य को देख पाते जब अपराधी (जिन्होंने आख़िरत को झुठलाया था) अपने रब के सामने खड़े होंगे, शर्म और अपमान के मारे अपने सिर झुकाए हुए। उनकी यह हालत देखकर तुम्हें अंदाज़ा होता कि उन पर कितनी बड़ी मुसीबत टूट पड़ी है। वे उस दिन कहेंगे: "ऐ हमारे रब! हमने अब सब कुछ देख लिया — हमने तेरे वादे की सच्चाई को अपनी आँखों से देख लिया, और हमने उन बातों को भी सुन लिया जो तेरे रसूल दुनिया में हमें सुना रहे थे। हमने उन्हें झुठलाया था, लेकिन आज सब कुछ साफ़ दिख रहा है।"
फिर वे गिड़गिड़ाते हुए कहेंगे: "ऐ हमारे रब! हमें एक बार फिर दुनिया में वापस भेज दे, ताकि हम अच्छे कर्म कर सकें। हम अब पूरे यक़ीन के साथ मानते हैं कि तू सच्चा है, तेरा वादा सच्चा है, और आख़िरत का दिन सच्चा है।" लेकिन यह पछतावा उस वक़्त बेकार होगा, क्योंकि मौका हाथ से निकल चुका होगा।
यह दृश्य इतना भयावह और दिल दहला देने वाला होगा कि अगर कोई इसे देखे तो उसकी रूह काँप जाए। यह उन लोगों के लिए सबसे बड़ा अफ़सोस का पल होगा जिन्होंने दुनिया में आराम और मौज-मस्ती को सब कुछ समझ लिया था, और आख़िरत की तैयारी को भूल गए थे।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि आज का दिन ही हमारे पास सबसे कीमती खज़ाना है। आज हम जो एक नेक काम कर लें, वह कल हमारे लिए रोशनी बनेगा। आज हम जो एक गुनाह से बच जाएँ, वह कल हमारे लिए नजात (मुक्ति) का ज़रिया बनेगा। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है — उसने हमें मौका दिया है, हमारी साँसें चल रही हैं, हमारा दिल धड़क रहा है। यही वह वक़्त है जब हम अपने रब की तरफ लौट सकते हैं, तौबा कर सकते हैं, और अपनी ज़िंदगी को सही राह पर ला सकते हैं। कल जब हमारे सामने वह दृश्य आएगा, तो हमें पछतावे के सिवा कुछ हासिल नहीं होगा। इसलिए आज ही अपने रब की तरफ लौट आओ, उसकी रहमत का सहारा लो, और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा (खुशी) के मुताबिक ढाल लो। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 10-14 — सूरा अस-सजदा
अनुवाद — अस-सजदा 12
सूरा अस-सजदा आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) तुम को बहुत अफसोस होगा अगर तुम…सूरा आयत 12/30 — सूरा अस-सजदा السجدة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-सजदा सुनें, सूरा अस-सजदा अनुवाद, सूरा अस-सजदा mp3, सूरा अस-सजदा pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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