अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَا يُوَلُّونَ الْأَدْبَارَ: वे पीठ नहीं फेरेंगे, अर्थात युद्ध के मैदान से भागेंगे नहीं।
- عَهْدُ اللَّهِ مَسْئُولًا: अल्लाह से किया गया वचन (अहद) एक ऐसी चीज़ है जिसके बारे में ज़रूर पूछा जाएगा और उस पर हिसाब लिया जाएगा।
तफ़सीर:
यह आयत उन मुनाफ़िक़ों (दिखावटी मुसलमानों) के बारे में है जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल ﷺ से पहले वादा किया था कि अगर वे किसी जंग में शामिल होंगे तो मैदान से नहीं भागेंगे और दुश्मन के सामने पीठ नहीं दिखाएँगे। यह वादा उन्होंने उहुद के दिन से भागने के बाद किया था, या फिर ग़ज़वा-ए-ख़ंदक़ से पहले किया था, जब उन्होंने अल्लाह से अहद किया था कि अगर अल्लाह उन्हें कोई जंग दिखाएगा तो वे साबित क़दम रहेंगे और डटे रहेंगे।
लेकिन जब असली वक़्त आया और जंग की घड़ी आई, तो उन्होंने अपना वादा तोड़ दिया, पीठ फेर ली और भाग खड़े हुए। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह अहद कोई मामूली बात नहीं थी, बल्कि अल्लाह से किया गया वचन एक बड़ी ज़िम्मेदारी है, और क़यामत के दिन उनसे इसके बारे में ज़रूर पूछा जाएगा। यह उनके लिए एक सख्त तनबीह (चेतावनी) और धमकी है।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह से किया गया हर वादा और अहद बहुत बड़ी अमानत है। मुसलमान को चाहिए कि वह अल्लाह से किए गए वादे को पूरा करे, चाहे वह नमाज़, रोज़ा, जिहाद, या किसी और नेक काम का हो। अल्लाह तआला उन लोगों से मुहब्बत करता है जो अपने अहद को पूरा करते हैं, और जो लोग अहद तोड़ते हैं, उनके लिए अल्लाह के पास सख्त अज़ाब है।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि मुसलमान की ज़िंदगी में सच्चाई और वफ़ादारी बहुत अहम है। अगर हमने अल्लाह से कोई वादा किया है, तो उसे निभाना हमारा फ़र्ज़ है। अल्लाह तआला हमें सच्चे दिल से अपने वादों पर क़ायम रहने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 13-17 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 15
सूरा अल-अहज़ाब आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (उस वक्त) अपने घरों में भी बहुत कम तवक्क़ुफ़…सूरा आयत 15/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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