अल-अहज़ाब · 2/73
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-अहज़ाब
وَاتَّبِعْ مَا يُوحَىٰ إِلَيْكَ مِن رَّبِّكَ ۚ إِنَّ اللَّهَ كَانَ بِمَا تَعْمَلُونَ خَبِيرًا ۝٢
Wattabi` maa yoohaaa ilaika mir Rabbik; innal laaha kaana bimaa ta`maloona Khabeera
📖 हिंदी अर्थ
और तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तुम्हारे पास जो ''वही'' की जाती है (बस) उसी की पैरवी करो तुम लोग जो कुछ कर रहे हो खुदा उससे यक़ीनी अच्छा तरह आगाह है।

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَاتَّبِعْ: और आप अनुसरण करें, पालन करें।
  • مَا يُوحَىٰ إِلَيْكَ: जो कुछ आपकी ओर वह्य (प्रकाशना) की जाती है।
  • مِن رَّبِّكَ: आपके पालनहार की ओर से।
  • خَبِيرًا: सब कुछ जानने वाला, पूर्ण ज्ञान रखने वाला।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को निर्देश दे रहा है कि वे उस वह्य (प्रकाशना) का पूर्ण रूप से अनुसरण करें जो उनके पालनहार की ओर से उतारी जा रही है — चाहे वह क़ुरआन हो या सुन्नत। यह आदेश केवल नबी ﷺ के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए है जो अल्लाह पर ईमान रखता है। हमें भी अपने जीवन के हर क्षेत्र में क़ुरआन और सुन्नत को ही अपना मार्गदर्शक बनाना चाहिए।

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि वह हर उस कर्म से पूर्ण रूप से अवगत है जो तुम करते हो — चाहे वह छोटा हो या बड़ा, छिपा हो या खुला। उसके ज्ञान से कोई चीज़ बाहर नहीं है। वह तुम्हारे अच्छे कर्मों का अच्छा बदला देगा और बुरे कर्मों का उचित हिसाब लेगा। यह बात हमारे लिए एक चेतावनी भी है और खुशखबरी भी — चेतावनी इसलिए कि हम बुराई से बचें, और खुशखबरी इसलिए कि हमारा कोई भी अच्छा काम अल्लाह की नज़र से छिपा नहीं रहता।

यह आयत हमें सिखाती है कि एक मुसलमान की ज़िंदगी का नक्शा अल्लाह की वह्य (प्रकाशना) होनी चाहिए। जब हम क़ुरआन और सुन्नत की रोशनी में चलते हैं, तो हमारा दिल सुकून पाता है और हमारे कर्म सही दिशा में जाते हैं। अल्लाह का यह ज्ञान कि वह हमारे हर काम को देख रहा है, हमें अच्छाई की ओर प्रेरित करता है और बुराई से रोकता है। यही ईमान की असली मिठास है — यह जानना कि हमारा रब हमेशा हमारे साथ है, हमें देख रहा है और हमारे हर अच्छे काम की क़द्र करेगा।

इसलिए, प्यारे भाइयों और बहनों! हमें अपनी ज़िंदगी के हर पहलू — चाहे वह इबादत हो, व्यापार हो, पारिवारिक मामले हों या समाज के साथ व्यवहार — में अल्लाह की वह्य को ही अपना इमाम बनाना चाहिए। यही हमारी सफलता की कुंजी है, दुनिया में भी और आख़िरत में भी। अल्लाह हमें इस तौफ़ीक़ अता फ़रमाए — आमीन।



📜 आयत 1-4 — सूरा अल-अहज़ाब

1يَا أَيُّهَا النَّبِيُّ اتَّقِ اللَّهَ وَلَا تُطِعِ الْكَافِرِينَ وَالْمُنَافِقِينَ ۗ إِنَّ اللَّهَ كَانَ عَلِيمًا حَكِيمًا
ऐ नबी खुदा ही से डरते रहो और काफिरों और मुनाफिक़ों की बात न मानो इसमें शक नहीं कि खुदा बड़ा वाक़िफकार हकीम है।
2وَاتَّبِعْ مَا يُوحَىٰ إِلَيْكَ مِن رَّبِّكَ ۚ إِنَّ اللَّهَ كَانَ بِمَا تَعْمَلُونَ خَبِيرًا
और तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तुम्हारे पास जो ''वही'' की जाती है (बस) उसी की पैरवी करो तुम लोग जो कुछ कर रहे हो खुदा उससे यक़ीनी अच्छा तरह आगाह है।
3وَتَوَكَّلْ عَلَى اللَّهِ ۚ وَكَفَىٰ بِاللَّهِ وَكِيلًا
और खुदा ही पर भरोसा रखो और खुदा ही कारसाजी के लिए काफी है
4مَّا جَعَلَ اللَّهُ لِرَجُلٍ مِّن قَلْبَيْنِ فِي جَوْفِهِ ۚ وَمَا جَعَلَ أَزْوَاجَكُمُ اللَّائِي تُظَاهِرُونَ مِنْهُنَّ أُمَّهَاتِكُمْ ۚ وَمَا جَعَلَ أَدْعِيَاءَكُمْ أَبْنَاءَكُمْ ۚ ذَٰلِكُمْ قَوْلُكُم بِأَفْوَاهِكُمْ ۖ وَاللَّهُ يَقُولُ الْحَقَّ وَهُوَ يَهْدِي السَّبِيلَ
ख़ुदा ने किसी आदमी के सीने में दो दिल नहीं पैदा किये कि (एक ही वक्त दो इरादे कर सके) और न उसने तुम्हारी बीवियों को जिन से तुम जेहार करते हो तुम्हारी माएँ बना दी और न उसने तुम्हारे लिये पालकों को तुम्हारे बेटे बना दिये। ये तो फ़क़त तुम्हारी मुँह बोली बात (और ज़ुबानी जमा खर्च) है और (चाहे किसी को बुरी लगे या अच्छी) खुदा तो सच्ची कहता है और सीधी राह दिखाता है।
अल-अहज़ाबकुरान सूची
73आयत
मदनीअवतरण स्थान
2आयत

अनुवाद — अल-अहज़ाब 2

सूरा अल-अहज़ाब आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तुम्हारे पास जो ''वही''…

सूरा आयत 2/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Tuesday, September 29, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए