अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَوَكَّلْ: भरोसा करना, अपने सभी मामलों को अल्लाह के सुपुर्द कर देना।
- وَكِيلًا: कार्य-साधक, रक्षक, और जो बंदे के सारे काम संभाल ले।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को और उनके माध्यम से पूरी उम्मत को एक अनमोल नसीहत दे रहा है—"और तुम अल्लाह पर भरोसा रखो।" यानी अपने सारे मामलों, छोटे-बड़े हर काम में, हर मुश्किल और हर फैसले में अल्लाह ही पर निर्भर रहो। तवक्कुल का मतलब यह नहीं कि हाथ-पाँव छोड़ दिए जाएँ, बल्कि इसका मतलब है कि पूरी कोशिश करो, फिर नतीजे को अल्लाह के सुपुर्द कर दो और दिल से यकीन रखो कि जो अल्लाह चाहेगा, वही होगा और जो होगा, उसमें हमारी भलाई ही होगी।
फिर अल्लाह फरमाता है: "और अल्लाह ही काफी है कार्य-साधक के रूप में।" यानी जब तुमने अल्लाह पर भरोसा कर लिया, तो समझ लो कि तुम्हारे लिए सबसे मज़बूत सहारा मिल गया। अल्लाह अपने उस बंदे के लिए काफी है जो उस पर भरोसा करता है और उसी की ओर रुजू करता है। वह उसकी हिफाज़त करता है, उसकी रोज़ी का इंतज़ाम करता है, और उसे हर मुश्किल से निकालने का रास्ता दिखाता है। जिसे अल्लाह मिल जाए, उसे किसी और की ज़रूरत नहीं रहती।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि जीवन की हर परेशानी में—चाहे वह रोज़ी की तंगी हो, बीमारी हो, दुश्मन का डर हो या भविष्य की चिंता—हमारा सहारा सिर्फ अल्लाह होना चाहिए। जब दिल अल्लाह पर भरोसा करता है, तो इंसान को एक अजीब सुकून और इत्मीनान मिलता है। कोई भी मुश्किल उसे घबरा नहीं सकती, क्योंकि उसे यकीन होता है कि अल्लाह उसके साथ है। यही तवक्कुल हमें बहादुर, सब्र करने वाला और हर हाल में शुक्रगुज़ार बनाता है। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें सच्चा तवक्कुल अता करे और हमें उन लोगों में शामिल करे जिनके लिए वह खुद काफी है। आमीन।
📜 आयत 1-5 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 3
सूरा अल-अहज़ाब आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और खुदा ही पर भरोसा रखो और खुदा ही कारसाजी…सूरा आयत 3/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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