Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تَدْعُوهُمْ – तुम उन्हें पुकारो (उनसे प्रार्थना करो)
- لَا يَسْمَعُوا – वे सुनते नहीं
- مَا اسْتَجَابُوا – वे उत्तर नहीं देते (तुम्हारी माँग पूरी नहीं करते)
- يَكْفُرُونَ بِشِرْكِكُمْ – वे तुम्हारे शिर्क (ठहराए जाने) से इनकार करेंगे (बराअत ज़ाहिर करेंगे)
- خَبِيرٍ – पूर्ण ज्ञान रखने वाला (अल्लाह)
तफ़सीर:
ऐ लोगों! जिन मूर्तियों और झूठे माबूदों को तुम अल्लाह को छोड़कर पुकारते हो, वे तुम्हारी पुकार सुनने की शक्ति ही नहीं रखतीं। वे तो बेजान पत्थर और जड़ चीज़ें हैं, जिनमें न सुनने की क्षमता है, न बोलने की, न किसी काम की। भले ही फ़र्ज़न (मान लिया जाए) कि वे तुम्हारी पुकार सुन भी लें, तो भी वे तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकते, न तुम्हारी कोई ज़रूरत पूरी कर सकते हैं, क्योंकि उनके पास तो किसी चीज़ का अधिकार ही नहीं है।
और क़ियामत के दिन वे तुम्हारे शिर्क से बराअत (इनकार) करेंगे। यानी जब सब कुछ खुल जाएगा, तो वे माबूद गवाही देंगे कि हमें तो कुछ पता ही नहीं था कि तुम हमारी पूजा करते थे, और वे तुमसे कहेंगे कि हम तुम्हारे इस काम से बिल्कुल बेज़ार हैं। यही हाल उन सब झूठे माबूदों का होगा जिनकी लोग अल्लाह के सिवा परसतिश करते हैं।
ऐ नबी! तुम्हें इन सब हक़ीक़तों से सच्ची और पूरी ख़बर देने वाला कोई नहीं है, सिवाय अल्लाह के। वही अल्लाह है जो हर चीज़ का पूर्ण ज्ञान रखता है – वह जानता है कि आख़िरत में क्या होगा, बंदों का अंजाम क्या है, और कौन सच्चा है और कौन झूठा। उसकी ख़बर से बढ़कर सच्ची और भरोसेमंद कोई ख़बर नहीं हो सकती।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बड़ी सीख देती है कि हम अपनी हर ज़रूरत, हर मुश्किल और हर दुआ में सिर्फ़ अल्लाह ही से माँगें। वही सुनने वाला है, वही क़ुदरत रखने वाला है, और वही हमारी मदद कर सकता है। जो लोग अल्लाह के सिवा किसी और से उम्मीदें बाँधते हैं, वे सिर्फ़ अपने आप को धोखा देते हैं। क़ियामत के दिन सब कुछ साफ़ हो जाएगा कि सिर्फ़ अल्लाह ही सच्चा माबूद है और उसकी इबादत ही सच्ची इबादत है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा के लिए समर्पित कर दें, और उसी से मदद माँगें – क्योंकि वही सब कुछ जानने वाला और सब कुछ करने की ताक़त रखने वाला है।
📜 आयत 12-16 — सूरा फातिर
अनुवाद — फातिर 14
सूरा फातिर आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अगर तुम उनको पुकारो तो वह तुम्हारी पुकार को सुनते…सूरा आयत 14/45 — सूरा फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फातिर सुनें, सूरा फातिर अनुवाद, सूरा फातिर mp3, सूरा फातिर pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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