अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَسَوَاءٌ عَلَيْهِمْ – उनके लिए बराबर है, एक समान है।
- أَأَنذَرْتَهُمْ – क्या तुमने उन्हें डराया (सचेत किया)।
- أَمْ لَمْ تُنذِرْهُمْ – या तुमने उन्हें डराया नहीं।
- لَا يُؤْمِنُونَ – वे ईमान नहीं लाएँगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को उन काफ़िरों और हठधर्म लोगों के बारे में बता रहे हैं जिन्होंने सत्य को जानते हुए भी उसे ठुकरा दिया और अपने कुफ्र और अहंकार पर अड़े रहे। अल्लाह फ़रमाता है कि ऐ नबी! इन लोगों के लिए आपका डराना और न डराना बराबर है — यानी चाहे आप उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराएँ या न डराएँ, वे किसी भी सूरत में ईमान नहीं लाएँगे। इसका कारण यह है कि उन्होंने अपने दिलों पर मुहर लगवा ली है, सत्य के प्रति इतनी अधिक दुश्मनी और अहंकार अपना लिया है कि अब उनके दिलों में हिदायत की कोई गुंजाइश नहीं बची।
यह आयत उन लोगों के बारे में है जिनका कुफ्र और इनकार उनकी फ़ितरत (स्वभाव) का हिस्सा बन चुका है — जिन्होंने नबी ﷺ की दावत को सुनकर भी जानबूझकर उसे रद्द किया और मज़ाक उड़ाया। ऐसे लोगों के लिए दावत और तबलीग़ का कोई फायदा नहीं होता, क्योंकि उनके दिल बंद हो चुके होते हैं।
लेकिन इस आयत का यह मतलब हरगिज़ नहीं कि दावत और नसीहत छोड़ दी जाए। बल्कि यह एक सच्चाई की खबर है कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हिदायत क़बूल नहीं करते। यह अल्लाह की सुन्नत (कायदा) है कि जब बंदा हक़ को जानबूझकर ठुकराता है, तो अल्लाह उसके दिल को और सख्त कर देता है।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपने ईमान की हिफाज़त करनी चाहिए और अपने दिलों को सख्त नहीं होने देना चाहिए। जो व्यक्ति जितनी देर सत्य को सुनकर भी उस पर अमल नहीं करता, उसका दिल उतना ही सख्त होता जाता है। इसलिए हमें चाहिए कि जब हमारे पास हिदायत आए, तो हम उसे खुशी से क़बूल करें और अल्लाह की रहमत के दरवाज़े से खुद को दूर न करें। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि दावत का काम करने वालों को मायूस नहीं होना चाहिए — अगर कुछ लोग न मानें, तो भी उनका फर्ज़ दावत पहुँचाना है, और हिदायत देना अल्लाह के हाथ में है। अल्लाह तआला से दुआ करें कि वह हमारे दिलों को नरम रखे और हमें सच्चे ईमान पर साबित क़दम रखे। आमीन।
📜 आयत 8-12 — यासीन
अनुवाद — यासीन 10
सूरा यासीन आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) उनके लिए बराबर है ख्वाह तुम उन्हें…सूरा आयत 10/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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