अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذُرِّيَّتَهُمْ (उनकी संतान): यहाँ इसका अर्थ उनके पूर्वजों (बाप-दादाओं) से है, क्योंकि यह शब्द अरबी में औलाद और पूर्वजों दोनों पर बोला जाता है।
- الْفُلْكِ (नाव/जहाज़): यहाँ इससे हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की वह नाव मुराद है।
- الْمَشْحُونِ (भरी हुई): यानी वह नाव जो मख़लूक़ात (तमाम जानवरों और ईमान वालों) से भरी हुई थी।
तफ़सीर:
यह आयत मक्का के काफ़िरों को अल्लाह की क़ुदरत और वहदानियत (एकता) की एक और बड़ी निशानी दिखा रही है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इन लोगों के लिए एक बड़ी निशानी और सबक़ यह है कि हमने उनके पूर्वजों (बाप-दादाओं) को हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) के ज़माने में उस नाव में सवार कराया जो हर क़िस्म की मख़लूक़ात से भरी हुई थी। जब तूफ़ान आया और सारी दुनिया डूब गई, तो अल्लाह ने अपनी क़ुदरत से उस नाव को महफ़ूज़ रखा और उसमें सवार लोगों को बचा लिया। ये मक्का वाले जो आज ज़िंदा हैं, वे उन्हीं बचाए गए लोगों की नस्ल से हैं। यानी अल्लाह ने उनके बाप-दादाओं को उस तबाही से बचाकर उनकी नस्ल को आगे बढ़ाया, ताकि वे अल्लाह की इबादत करें और उसका शुक्र अदा करें।
यह निशानी साफ़ बताती है कि अल्लाह ही सच्चा मालिक और मेहरबान है, जो अपने बंदों को मुसीबतों से निकालता है। जिस अल्लाह ने नूह की नाव को तूफ़ान में बचाया, वही अल्लाह आज भी ज़िंदा है और अपने बंदों की मदद करता है। यह आयत हमें सिखाती है कि जब भी हम किसी मुसीबत में फँसें, तो अल्लाह ही से मदद माँगें, क्योंकि वही है जो राहत देता है। और जो लोग अल्लाह की इन निशानियों पर ग़ौर नहीं करते, वे बड़े नुक़सान में हैं। अल्लाह की रहमत और क़ुदरत के ये नज़ारे हमारे लिए सबक़ हैं कि हम अपने रब की नेमतों को पहचानें और उसकी इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें।
📜 आयत 39-43 — यासीन
अनुवाद — यासीन 41
सूरा यासीन आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनके लिए (मेरी कुदरत) की एक निशानी ये है…सूरा आयत 41/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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