Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَا يَنظُرُونَ – वे प्रतीक्षा नहीं कर रहे
- صَيْحَةً وَاحِدَةً – एक ही चीख (पहला सूर फूँका जाना)
- تَأْخُذُهُمْ – जो उन्हें अपनी चपेट में ले लेगी
- يَخِصِّمُونَ – वे आपस में झगड़ रहे होंगे (दुनियावी मामलों में उलझे होंगे)
तफसीर (व्याख्या):
ये मुशरिकीन जो क़यामत के आने का मज़ाक उड़ाते थे और जल्दी से उसे माँगते थे, वे दरअसल उस चीज़ का इंतज़ार कर रहे हैं जो उनके लिए बहुत भयावह होगी। वे केवल एक ही चीख का इंतज़ार कर रहे हैं – वह पहला सूर जो इसराफील अलैहिस्सलाम फूँकेंगे। यह चीख अचानक आएगी और उन्हें उसी हालत में अपनी लपेट में ले लेगी जब वे अपनी दुनियावी मामलों में व्यस्त होंगे – कोई ख़रीद-फ़रोख्त में, कोई बहस-मुबाहिसे में, कोई अपने जानवरों को पानी पिलाते हुए, कोई अपने काम-काज में। वे बिल्कुल बेख़बर होंगे, और अचानक वह चीख उन्हें ऐसे हालत में आ लेगी कि उन्हें न तो कोई वसीयत करने का मौक़ा मिलेगा और न ही अपने घर लौटने का।
यह अल्लाह तआला की क़ुदरत का नमूना है कि क़यामत इतनी अचानक आएगी कि लोग अपने ही झगड़ों और दुनियावी मामलों में मशगूल होंगे, और अचानक वह भयानक घड़ी आ जाएगी। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है कि हम दुनिया की मशगूलियों में इतने खो न जाएँ कि आख़िरत को भूल जाएँ। अल्लाह तआला ने हमें इस आयत के ज़रिए आगाह किया है कि मौत और क़यामत का वक़्त किसी को मालूम नहीं, इसलिए हर वक़्त तैयार रहना चाहिए।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि दुनिया की मोहब्बत और उसके झगड़े इंसान को आख़िरत से ग़ाफ़िल कर देते हैं। जो लोग दुनिया में ही डूबे रहते हैं और आख़िरत को भूल जाते हैं, वही लोग उस चीख की चपेट में आएँगे। इसलिए ऐ मुसलमान! अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ारो कि जब वह घड़ी आए, तो तुम उसके लिए तैयार हो – नमाज़ पढ़ते हुए, अल्लाह की इबादत करते हुए, या फिर अच्छे कामों में लगे हुए। क्योंकि अल्लाह तआला ने फ़रमाया है कि वह चीख उन्हें उसी हालत में पकड़ेगी जब वे झगड़ रहे होंगे। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने हमें पहले ही बता दिया, ताकि हम उस घड़ी के लिए तैयार रहें और उसके आने से पहले तौबा कर लें।
📜 आयत 47-51 — सूरा यासीन
अनुवाद — यासीन 49
सूरा यासीन आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) ये लोग एक सख्त चिंघाड़ (सूर) के मुनतज़िर…सूरा आयत 49/83 — सूरा यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यासीन सुनें, सूरा यासीन अनुवाद, सूरा यासीन mp3, सूरा यासीन pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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