यासीन · 50/83
अनुवाद उच्चारण — यासीन
فَلَا يَسْتَطِيعُونَ تَوْصِيَةً وَلَا إِلَىٰ أَهْلِهِمْ يَرْجِعُونَ ۝٥٠
Falaa yastatee`oona taw siyatanw-wa laaa ilaaa ahlihim yarji`oon
📖 हिंदी अर्थ
जब ये लोग बाहम झगड़ रहे होगें फिर न तो ये लोग वसीयत ही करने पायेंगे और न अपने लड़के बालों ही की तरफ लौट कर जा सकेगें

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • تَوْصِيَةً: वसीयत करना, किसी को कोई निर्देश या आदेश देना।
  • يَرْجِعُونَ: लौटना, वापस जाना।

व्याख्या:

जब सूर (नरसिंगा) में फूँक मारी जाएगी और अचानक क़ियामत की आफ़त आ जाएगी, तो ये मुशरिकीन (बहुदेववादी) इतने भयभीत और व्याकुल होंगे कि वे न तो किसी को कोई वसीयत कर सकेंगे और न ही अपने घरों और परिवारों तक लौट सकेंगे। वे अपनी ही जगहों पर, अपने कामों में, बाज़ारों में या सड़कों पर ही मौत के शिकार हो जाएँगे। यह अचानक आने वाली आफ़त इतनी भयानक होगी कि उन्हें कोई मौका ही नहीं मिलेगा कि वे अपने परिवार वालों से अंतिम मुलाक़ात कर सकें या अपनी कोई अंतिम इच्छा व्यक्त कर सकें।

यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि क़ियामत की घड़ी अचानक आएगी, जब कोई भी व्यक्ति न तो अपने लिए कुछ कर सकेगा और न ही दूसरों के लिए। इसलिए हमें चाहिए कि हम हर समय अल्लाह की आज्ञाकारिता में रहें, अपने कर्मों को सुधारें, और अपने परिवार और समाज के लिए अच्छी वसीयत और नेक काम करते रहें, ताकि जब वह घड़ी आए, हम तैयार हों। यह आयत हमें सचेत करती है कि दुनिया की मोहम्मदी (मोह) में मग्न न हों, बल्कि आख़िरत की तैयारी में लगे रहें, क्योंकि अल्लाह का वादा सत्य है और क़ियामत निश्चित रूप से आने वाली है। जो लोग इस दिन पर ईमान रखते हैं और अच्छे कर्म करते हैं, उनके लिए अल्लाह के पास बड़ा प्रतिफल है।



📜 आयत 48-52 — यासीन

48وَيَقُولُونَ مَتَىٰ هَٰذَا الْوَعْدُ إِن كُنتُمْ صَادِقِينَ
और कहते हैं कि (भला) अगर तुम लोग (अपने दावे में सच्चे हो) तो आख़िर ये (क़यामत का) वायदा कब पूरा होगा
49مَا يَنظُرُونَ إِلَّا صَيْحَةً وَاحِدَةً تَأْخُذُهُمْ وَهُمْ يَخِصِّمُونَ
(ऐ रसूल) ये लोग एक सख्त चिंघाड़ (सूर) के मुनतज़िर हैं जो उन्हें (उस वक्त) ले डालेगी
50فَلَا يَسْتَطِيعُونَ تَوْصِيَةً وَلَا إِلَىٰ أَهْلِهِمْ يَرْجِعُونَ
जब ये लोग बाहम झगड़ रहे होगें फिर न तो ये लोग वसीयत ही करने पायेंगे और न अपने लड़के बालों ही की तरफ लौट कर जा सकेगें
51وَنُفِخَ فِي الصُّورِ فَإِذَا هُم مِّنَ الْأَجْدَاثِ إِلَىٰ رَبِّهِمْ يَنسِلُونَ
और फिर (जब दोबारा) सूर फूँका जाएगा तो उसी दम ये सब लोग (अपनी-अपनी) क़ब्रों से (निकल-निकल के) अपने परवरदिगार की बारगाह की तरफ चल खड़े होगे
52قَالُوا يَا وَيْلَنَا مَن بَعَثَنَا مِن مَّرْقَدِنَا ۜ ۗ هَٰذَا مَا وَعَدَ الرَّحْمَٰنُ وَصَدَقَ الْمُرْسَلُونَ
और (हैरान होकर) कहेगें हाए अफसोस हम तो पहले सो रहे थे हमें ख्वाबगाह से किसने उठाया (जवाब आएगा) कि ये वही (क़यामत का) दिन है जिसका खुदा ने (भी) वायदा किया था
यासीनकुरान सूची
83आयत
मक्कीRevelation
50आयत

अनुवाद — यासीन 50

सूरा यासीन आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जब ये लोग बाहम झगड़ रहे होगें फिर न तो…

सूरा आयत 50/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए