अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الشَّجَرِ الْأَخْضَرِ: हरा-भरा पेड़ (ताज़ा और रसीला पेड़)
- نَارًا: आग
- تُوقِدُونَ: तुम आग जलाते हो (आग प्रज्वलित करते हो)
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत अल्लाह तआला की उस महान शक्ति और कमाल क़ुदरत की ओर इशारा करती है जिसने हरे-भरे पेड़ से आग पैदा की। यानी वही अल्लाह जिसने तुम्हारे लिए हरे, ताज़े और रसीले पेड़ से आग निकाली — और जब तुम देखते हो तो उसी पेड़ से तुम आग जलाते हो। यह अल्लाह की क़ुदरत का अजीबो-ग़रीब नमूना है कि एक ही चीज़ में दो विपरीत तत्व जमा हैं — पानी (नमी) और आग। हरा पेड़ अपने अंदर नमी और पानी रखता है, फिर भी उसी से आग निकलती है जो जलाती है। यह उस अल्लाह की ताक़त है जो विपरीत से विपरीत चीज़ निकाल सकता है।
यहाँ अल्लाह तआला अपनी एकता (तौहीद) और कमाल क़ुदरत का सबूत पेश कर रहा है। जिस प्रकार वह हरे पेड़ से आग निकालता है, उसी प्रकार वह मुर्दों को क़ब्रों से ज़िंदा करके निकालने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। जो ख़ुदा सूखे और हरे पेड़ में आग की ताक़त रखता है, उसके लिए मुर्दों को ज़िंदा करना क्या मुश्किल है? यह आयत क़ियामत के दिन पुनर्जीवित होने (हश्र) की सच्चाई को साबित करती है और उन लोगों को जवाब देती है जो मौत के बाद दोबारा ज़िंदा होने पर शक करते हैं।
इस आयत में अल्लाह तआला ने अपनी क़ुदरत का एक ऐसा नमूना पेश किया है जिसे हर इंसान अपनी आँखों से देखता है। जब तुम जंगल में जाते हो और हरे पेड़ की दो शाखाओं को आपस में रगड़ते हो तो आग निकलती है। यह अल्लाह का इशारा है कि उसकी क़ुदरत के आगे कुछ भी नामुमकिन नहीं है। जो पेड़ पानी से भरा हुआ है, उसी से आग निकलती है — यह अल्लाह की ताक़त का ज़िंदा सबूत है।
दावत और नसीहत:
ऐ इंसान! ज़रा सोच — जिस अल्लाह ने हरे पेड़ से आग निकाली, क्या वह तुझे दोबारा ज़िंदा नहीं कर सकता? यह आयत तुझे अल्लाह की क़ुदरत पर ईमान लाने की दावत देती है। जब तू रोज़ अपनी आँखों से यह मंज़र देखता है कि हरा-भरा पेड़ आग का ज़रिया बनता है, तो क्यों तू अल्लाह की ताक़त पर शक करता है? अल्लाह ने यह नमूना इसलिए पेश किया ताकि तू उसकी तौहीद को समझे, उसकी इबादत करे और क़ियामत के दिन पर ईमान लाए। याद रख, जो अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है, उसकी रहमत और मग़फिरत भी असीम है। वह तुझे माफ़ करने पर भी क़ादिर है, बशर्ते तू उसकी तरफ़ रुजू करे और अपनी ज़िंदगी उसके हुक्म के मुताबिक़ गुज़ारे। यही तेरी कामयाबी और नजात की राह है।
📜 आयत 78-82 — यासीन
अनुवाद — यासीन 80
सूरा यासीन आयत 80 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह हर तरह की पैदाइश से वाक़िफ है जिसने…सूरा आयत 80/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 78–82. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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