यासीन · 81/83
अनुवाद उच्चारण — सूरा यासीन
أَوَلَيْسَ الَّذِي خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ بِقَادِرٍ عَلَىٰ أَن يَخْلُقَ مِثْلَهُم ۚ بَلَىٰ وَهُوَ الْخَلَّاقُ الْعَلِيمُ ۝٨١
Awa laisal lazee khalaqas samaawaati wal arda biqaadirin `alaaa ai-yakhluqa mislahum; balaa wa Huwal Khallaaqul `Aleem
📖 हिंदी अर्थ
(भला) जिस (खुदा) ने सारे आसमान और ज़मीन पैदा किए क्या वह इस पर क़ाबू नहीं रखता कि उनके मिस्ल (दोबारा) पैदा कर दे हाँ (ज़रूर क़ाबू रखता है) और वह तो पैदा करने वाला वाक़िफ़कार है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَوَلَيْسَ: क्या नहीं है?
  • خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ: आसमानों और ज़मीन को पैदा किया
  • بِقَادِرٍ: क़ुदरत रखने वाला
  • مِثْلَهُمْ: उनके जैसा (यानी इंसानों के जैसा)
  • بَلَى: हाँ, ज़रूर
  • الْخَلَّاقُ: बहुत पैदा करने वाला
  • الْعَلِيمُ: सब कुछ जानने वाला

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में अपनी क़ुदरत का एक बहुत बड़ा सबूत पेश कर रहे हैं। वह फ़रमाते हैं: क्या वह ज़ात जिसने इन विशाल आसमानों और ज़मीन को पैदा किया है—जिनकी बनावट, उनकी ऊँचाई, उनकी चौड़ाई, उनके अंदर मौजूद सितारे, ग्रह, पहाड़, समुद्र, और तमाम मख़लूक़ात—क्या वह इस पर क़ुदरत नहीं रखता कि इंसानों को दोबारा पैदा करे और उन्हें मौत के बाद ज़िंदा करके उठा खड़ा करे?

यह एक ऐसा सवाल है जो हर अक़्लमंद इंसान से पूछा जा रहा है। जिसने इतनी बड़ी कायनात को बिना किसी नमूने के पैदा कर दिया, क्या वह इंसानों को दोबारा ज़िंदा करने से आजिज़ हो सकता है? हरगिज़ नहीं! इसलिए अल्लाह ने ख़ुद ही जवाब दिया: "बल्कि हाँ, वह ज़रूर क़ुदरत रखता है।"

फिर अल्लाह ने अपने दो खूबसूरत नामों का ज़िक्र किया: "वह ख़ल्लाक़ है" यानी बहुत ज़्यादा पैदा करने वाला। उसकी ख़िलक़त (पैदा करने की क्रिया) में कोई थकान नहीं, कोई रुकावट नहीं। जिस तरह उसने पहली बार पैदा किया, उसी तरह दोबारा पैदा करना उसके लिए बिल्कुल आसान है। और "अलीम" यानी वह हर चीज़ का पूरा ज्ञान रखता है। उसे हर इंसान का हर ज़र्रा, हर हड्डी, हर बाल मालूम है। कोई चीज़ उससे छिपी नहीं है। वह जानता है कि किसने क्या किया है और किसे क्या बदला देना है।

यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि क़यामत का दिन आना हक़ है। जो लोग मौत के बाद ज़िंदगी का इनकार करते हैं, उन्हें यह सोचना चाहिए कि जिसने इतनी बड़ी कायनात बनाई, उसके लिए इंसानों को दोबारा ज़िंदा करना क्या मुश्किल है? यह तो उसके लिए बहुत आसान काम है।

और इस आयत में हमारे लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी भी है—जो लोग अल्लाह पर ईमान रखते हैं और नेक अमल करते हैं, उनके लिए यह ज़रूरी है कि वे यक़ीन रखें कि अल्लाह उन्हें दोबारा ज़िंदा करके उन्हें जन्नत का इनाम देगा। अल्लाह की रहमत और उसकी क़ुदरत से कभी निराश नहीं होना चाहिए। वह हर चीज़ पर क़ादिर है, और उसका वादा सच्चा है।



📜 आयत 79-83 — सूरा यासीन

79قُلْ يُحْيِيهَا الَّذِي أَنشَأَهَا أَوَّلَ مَرَّةٍ ۖ وَهُوَ بِكُلِّ خَلْقٍ عَلِيمٌ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि उसको वही ज़िन्दा करेगा जिसने उनको (जब ये कुछ न थे) पहली बार ज़िन्दा कर (रखा)
80الَّذِي جَعَلَ لَكُم مِّنَ الشَّجَرِ الْأَخْضَرِ نَارًا فَإِذَا أَنتُم مِّنْهُ تُوقِدُونَ
और वह हर तरह की पैदाइश से वाक़िफ है जिसने तुम्हारे वास्ते (मिर्ख़ और अफ़ार के) हरे दरख्त से आग पैदा कर दी फिर तुम उससे (और) आग सुलगा लेते हो
81أَوَلَيْسَ الَّذِي خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ بِقَادِرٍ عَلَىٰ أَن يَخْلُقَ مِثْلَهُم ۚ بَلَىٰ وَهُوَ الْخَلَّاقُ الْعَلِيمُ
(भला) जिस (खुदा) ने सारे आसमान और ज़मीन पैदा किए क्या वह इस पर क़ाबू नहीं रखता कि उनके मिस्ल (दोबारा) पैदा कर दे हाँ (ज़रूर क़ाबू रखता है) और वह तो पैदा करने वाला वाक़िफ़कार है
82إِنَّمَا أَمْرُهُ إِذَا أَرَادَ شَيْئًا أَن يَقُولَ لَهُ كُن فَيَكُونُ
उसकी शान तो ये है कि जब किसी चीज़ को (पैदा करना) चाहता है तो वह कह देता है कि ''हो जा'' तो (फौरन) हो जाती है
83فَسُبْحَانَ الَّذِي بِيَدِهِ مَلَكُوتُ كُلِّ شَيْءٍ وَإِلَيْهِ تُرْجَعُونَ
तो वह ख़ुद (हर नफ्स से) पाक साफ़ है जिसके क़ब्ज़े कुदरत में हर चीज़ की हिकमत है और तुम लोग उसी की तरफ लौट कर जाओगे
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अनुवाद — यासीन 81

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Friday, October 2, 2026

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