यासीन · 79/83
अनुवाद उच्चारण — यासीन
قُلْ يُحْيِيهَا الَّذِي أَنشَأَهَا أَوَّلَ مَرَّةٍ ۖ وَهُوَ بِكُلِّ خَلْقٍ عَلِيمٌ ۝٧٩
Qul yuh yeehal lazeee ansha ahaaa awwala marrah; wa Huwa bikulli khalqin `Aleem
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि उसको वही ज़िन्दा करेगा जिसने उनको (जब ये कुछ न थे) पहली बार ज़िन्दा कर (रखा)
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُحْيِيهَا – उसे जीवित करेगा।
  • أَنشَأَهَا – उसे पैदा किया / उसकी रचना की।
  • أَوَّلَ مَرَّةٍ – पहली बार।
  • عَلِيمٌ – सब कुछ जानने वाला।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप उस इनकार करने वाले से कहिए जो हड्डियों के सड़ने और बिखर जाने के बाद दोबारा जीवित किए जाने को असंभव समझता है: "उन्हें वही जीवित करेगा जिसने उन्हें पहली बार पैदा किया था।" जिस शक्ति ने उन्हें पहली बार शून्य से अस्तित्व में लाया, क्या वह उन्हें दोबारा नहीं बना सकती? बिल्कुल बना सकती है! क्योंकि वह हर मख़लूक़ (प्राणी) के बारे में पूरी तरह जानता है – उसके अस्तित्व में आने से पहले भी, उसके जीवन के दौरान भी, और उसके मरने के बाद भी। उसके ज्ञान से कोई चीज़ छिपी नहीं है, न छोटी, न बड़ी, न ज़मीन की गहराइयों में, न आसमान की बुलंदियों में।

यह आयत हमें सिखाती है कि क़ुदरत-ए-इलाही (अल्लाह की शक्ति) के आगे कुछ भी असंभव नहीं है। जिसने कभी न थी उसे पैदा कर दिया, वह मरने के बाद दोबारा ज़िंदा करने पर पूरी तरह क़ादिर है। यही वह सच्चाई है जो इंसान को मौत के बाद के जीवन पर यक़ीन दिलाती है और उसे अमल की तरफ़ राग़िब करती है। जब हमें यक़ीन हो जाए कि हमारे सभी कर्म अल्लाह के इल्म में हैं और हमें उनका हिसाब देना है, तो हमारा जीवन एक ज़िम्मेदार जीवन बन जाता है – हम नेकी की तरफ़ बढ़ते हैं और गुनाह से बचते हैं। यही ईमान की मिठास है कि इंसान हर पल यह महसूस करे कि अल्लाह उसे देख रहा है, उसकी हर साँस का हिसाब होगा, और उसकी रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी तरफ़ रुजू करते हैं।

🎧 सुनें

📜 आयत 77-81 — यासीन

77أَوَلَمْ يَرَ الْإِنسَانُ أَنَّا خَلَقْنَاهُ مِن نُّطْفَةٍ فَإِذَا هُوَ خَصِيمٌ مُّبِينٌ
क्या आदमी ने इस पर भी ग़ौर नहीं किया कि हम ही ने इसको एक ज़लील नुत्फे से पैदा किया फिर वह यकायक (हमारा ही) खुल्लम खुल्ला मुक़ाबिल (बना) है
78وَضَرَبَ لَنَا مَثَلًا وَنَسِيَ خَلْقَهُ ۖ قَالَ مَن يُحْيِي الْعِظَامَ وَهِيَ رَمِيمٌ
और हमारी निसबत बातें बनाने लगा और अपनी ख़िलक़त (की हालत) भूल गया और कहने लगा कि भला जब ये हड्डियां (सड़गल कर) ख़ाक हो जाएँगी तो (फिर) कौन (दोबारा) ज़िन्दा कर सकता है
79قُلْ يُحْيِيهَا الَّذِي أَنشَأَهَا أَوَّلَ مَرَّةٍ ۖ وَهُوَ بِكُلِّ خَلْقٍ عَلِيمٌ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि उसको वही ज़िन्दा करेगा जिसने उनको (जब ये कुछ न थे) पहली बार ज़िन्दा कर (रखा)
80الَّذِي جَعَلَ لَكُم مِّنَ الشَّجَرِ الْأَخْضَرِ نَارًا فَإِذَا أَنتُم مِّنْهُ تُوقِدُونَ
और वह हर तरह की पैदाइश से वाक़िफ है जिसने तुम्हारे वास्ते (मिर्ख़ और अफ़ार के) हरे दरख्त से आग पैदा कर दी फिर तुम उससे (और) आग सुलगा लेते हो
81أَوَلَيْسَ الَّذِي خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ بِقَادِرٍ عَلَىٰ أَن يَخْلُقَ مِثْلَهُم ۚ بَلَىٰ وَهُوَ الْخَلَّاقُ الْعَلِيمُ
(भला) जिस (खुदा) ने सारे आसमान और ज़मीन पैदा किए क्या वह इस पर क़ाबू नहीं रखता कि उनके मिस्ल (दोबारा) पैदा कर दे हाँ (ज़रूर क़ाबू रखता है) और वह तो पैदा करने वाला वाक़िफ़कार है
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अनुवाद — यासीन 79

सूरा यासीन आयत 79 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि उसको वही ज़िन्दा करेगा…

सूरा आयत 79/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 77–81. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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