अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- سَلَامٌ: शांति, सुरक्षा, और हर प्रकार की बुराई से सलामती।
- عَلَىٰ إِبْرَاهِيمَ: पैगंबर इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) पर।
तफसीर:
अल्लाह तआला ने अपने प्यारे नबी हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के सम्मान में यह घोषणा की कि उन पर सलाम हो, यानी उनके लिए हर प्रकार की शांति, सुरक्षा और बरकत हो। यह सलाम अल्लाह की ओर से उन्हें एक विशेष सम्मान और दर्जा प्रदान करता है। यहाँ "सलाम" का अर्थ है कि अल्लाह ने उन्हें हर आफत, हर नुकसान और हर बुराई से महफूज़ रखा, और उन्हें दुनिया और आखिरत दोनों में सलामती अता की।
हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) वह महान पैगंबर थे जिन्होंने अकेले तौहीद (एकेश्वरवाद) का झंडा बुलंद किया, बुतों को तोड़ा, और अल्लाह की राह में हर कुर्बानी दी। उनकी आज्ञाकारिता और समर्पण की वजह से अल्लाह ने उन्हें यह सम्मान दिया कि उनका जिक्र क़यामत तक के लिए सलामती के साथ जोड़ दिया गया।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की राह में सब्र, इखलास और कुर्बानी का नतीजा हमेशा बेहतरीन होता है। जो लोग अल्लाह के लिए अपनी जान, माल और वक़्त कुर्बान करते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया में भी इज्जत देता है और आखिरत में भी। हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की तरह हमें भी चाहिए कि अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसके दीन की खिदमत में लगाएं, ताकि हम भी अल्लाह की रहमत और सलामती के हक़दार बनें।
यह सलाम सिर्फ एक दुआ नहीं, बल्कि अल्लाह की ओर से एक एलान है कि इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) हर उस इंसान के लिए एक आदर्श हैं जो अल्लाह की राह में चलना चाहता है। उनकी सीरत से हमें यह सबक मिलता है कि सच्चाई, ईमान और अल्लाह पर भरोसा ही असली कामयाबी की कुंजी है। आज भी दुनिया भर के मुसलमान उन्हें अपना पैगंबर मानते हैं और उनके नाम पर सलाम भेजते हैं, यह उनकी महानता की निशानी है।
📜 आयत 107-111 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 109
सूरा अस-साफ्फात आयत 109 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि (सारी खुदायी में) इबराहीम पर सलाम (ही सलाम) हैंसूरा आयत 109/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 107–111. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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