अस-साफ्फात · 151/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
أَلَا إِنَّهُم مِّنْ إِفْكِهِمْ لَيَقُولُونَ ۝١٥١
Alaaa innahum min ifkihim la yaqooloon
📖 हिंदी अर्थ
ख़बरदार (याद रखो कि) ये लोग यक़ीनन अपने दिल से गढ़-गढ़ के कहते हैं कि खुदा औलाद वाला है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • इफ्क (إفك): झूठ, असत्य, मनगढ़ंत बात।
  • ले-यक़ूलून (لَيَقُولُونَ): अवश्य कहते हैं।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में मुशरिकीन (बहुदेववादियों) की उस बड़ी बदतरीन बात का ज़िक्र कर रहे हैं जो उन्होंने अल्लाह के बारे में कही। वे कहते थे कि अल्लाह की औलाद है — फ़रिश्ते अल्लाह की बेटियाँ हैं। यह बात उन्होंने अपनी तरफ़ से गढ़ ली थी, और इसका कोई सबूत या आधार उनके पास नहीं था।

अल्लाह तआला फ़रमाता है: "सुन लो! यह लोग अपने झूठ और मनगढ़ंत बातों की वजह से यह कहते हैं कि अल्लाह की औलाद है।" यानी यह कोई सच्चाई या ज्ञान की बात नहीं है, बल्कि यह उनका अपना बनाया हुआ झूठ है। वे अल्लाह के बारे में ऐसी बातें कहते हैं जिनका कोई इल्म उन्हें नहीं है, और न ही किसी ने उन्हें यह बताया है।

यह उनकी सबसे बड़ी जु़रअत और नादानी है कि वे उस अल्लाह के बारे में ऐसी बात कहते हैं जो हर कमी और ऐब से पाक है। अल्लाह तआला इंसानों और जिन्नात और फ़रिश्तों सबका ख़ालिक़ (पैदा करने वाला) है, और वह हर चीज़ से बेनियाज़ है। उसकी कोई औलाद नहीं हो सकती, क्योंकि औलाद तो उसी की होती है जो किसी और की तरह हो, और अल्लाह तो हर चीज़ का अकेला पैदा करने वाला है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला अपनी पाक ज़ात के बारे में किसी भी ऐसी बात को बर्दाश्त नहीं करता जो उसकी शान के खिलाफ़ हो। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के बारे में वही बातें कहें जो उसने खुद अपनी किताब में बताई हैं और उसके नबी ﷺ ने सिखाई हैं। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है — उसने हमें सीधा रास्ता दिखाया, और हमें उसकी तौहीद (एकता) पर ईमान लाना चाहिए। जो लोग अल्लाह पर झूठ बोलते हैं, वे सिर्फ़ अपना नुक़सान करते हैं। अल्लाह तआला हमें सच्चाई की तौफ़ीक़ दे और हमें उसकी पाक ज़ात के बारे में सही अक़ीदा रखने की हिदायत दे। आमीन।



📜 आयत 149-153 — सूरा अस-साफ्फात

149فَاسْتَفْتِهِمْ أَلِرَبِّكَ الْبَنَاتُ وَلَهُمُ الْبَنُونَ
तो (ऐ रसूल) उन कुफ्फ़ार से पूछो कि क्या तुम्हारे परवरदिगार के लिए बेटियाँ हैं और उनके लिए बेटे
150أَمْ خَلَقْنَا الْمَلَائِكَةَ إِنَاثًا وَهُمْ شَاهِدُونَ
(क्या वाक़ई) हमने फरिश्तों की औरतें बनाया है और ये लोग (उस वक्त) मौजूद थे
151أَلَا إِنَّهُم مِّنْ إِفْكِهِمْ لَيَقُولُونَ
ख़बरदार (याद रखो कि) ये लोग यक़ीनन अपने दिल से गढ़-गढ़ के कहते हैं कि खुदा औलाद वाला है
152وَلَدَ اللَّهُ وَإِنَّهُمْ لَكَاذِبُونَ
और ये लोग यक़ीनी झूठे हैं
153أَصْطَفَى الْبَنَاتِ عَلَى الْبَنِينَ
क्या खुदा ने (अपने लिए) बेटियों को बेटों पर तरजीह दी है
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
151आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 151

सूरा अस-साफ्फात आयत 151 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़बरदार (याद रखो कि) ये लोग यक़ीनन अपने दिल से…

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Wednesday, September 30, 2026

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