अस-साफ्फात · 152/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
وَلَدَ اللَّهُ وَإِنَّهُمْ لَكَاذِبُونَ ۝١٥٢
Waladal laahu wa innhum lakaaziboon
📖 हिंदी अर्थ
और ये लोग यक़ीनी झूठे हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَلَدَ اللهُ: अल्लाह ने संतान पैदा की — यह मुशरिकीन (बहुदेववादियों) का झूठा दावा है।
  • لَكَاذِبُونَ: बिल्कुल झूठे हैं — यानी उनका यह कथन पूर्णतः झूठ और बातिल है।

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत उन मुशरिकीन (बहुदेववादियों) के झूठे दावे का खंडन करती है जो कहते थे कि अल्लाह ने संतान पैदा की है। वे फ़रिश्तों को अल्लाह की बेटियाँ कहते थे, और यह उनकी सबसे बड़ी बदतरीन बात थी। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये लोग अपने इस कथन में बिल्कुल झूठे हैं, क्योंकि वे ऐसी बात कहते हैं जिसका उन्हें कोई ज्ञान नहीं, न ही कोई प्रमाण है।

अल्लाह तआला पाक और पवित्र है, वह किसी भी प्रकार की संतान से परे है। वह न तो जन्मता है और न ही किसी को जन्म देता है। यह ईश्वर की महानता और पवित्रता के खिलाफ है कि उसके लिए संतान का दावा किया जाए। फ़रिश्ते अल्लाह के सम्मानित बंदे हैं, वे उसकी इबादत करते हैं और उसके आदेशों का पालन करते हैं, वे न तो बेटियाँ हैं और न ही बेटे।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के बारे में बिना ज्ञान के कोई बात नहीं करनी चाहिए। जो लोग अल्लाह के बारे में झूठी बातें गढ़ते हैं, वे सबसे बड़े झूठे हैं। अल्लाह की पवित्रता और महानता हर कमी और हर दोष से परे है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की पवित्रता का वर्णन उसी तरह करें जैसे उसने खुद किया है और जैसे उसके पैग़ंबर ने सिखाया है।

यह आयत हमें तौहीद (एकेश्वरवाद) की ओर बुलाती है और शिर्क (बहुदेववाद) की सभी शक्लों से दूर रहने की ताकीद करती है। अल्लाह ही सब कुछ पैदा करने वाला है, वही सबका पालनहार है, उसका कोई साझीदार नहीं, न कोई संतान। यही सच्चा ईमान है, और यही वह रास्ता है जो इंसान को सच्ची कामयाबी और सुकून तक पहुँचाता है।



📜 आयत 150-154 — सूरा अस-साफ्फात

150أَمْ خَلَقْنَا الْمَلَائِكَةَ إِنَاثًا وَهُمْ شَاهِدُونَ
(क्या वाक़ई) हमने फरिश्तों की औरतें बनाया है और ये लोग (उस वक्त) मौजूद थे
151أَلَا إِنَّهُم مِّنْ إِفْكِهِمْ لَيَقُولُونَ
ख़बरदार (याद रखो कि) ये लोग यक़ीनन अपने दिल से गढ़-गढ़ के कहते हैं कि खुदा औलाद वाला है
152وَلَدَ اللَّهُ وَإِنَّهُمْ لَكَاذِبُونَ
और ये लोग यक़ीनी झूठे हैं
153أَصْطَفَى الْبَنَاتِ عَلَى الْبَنِينَ
क्या खुदा ने (अपने लिए) बेटियों को बेटों पर तरजीह दी है
154مَا لَكُمْ كَيْفَ تَحْكُمُونَ
(अरे कम्बख्तों) तुम्हें क्या जुनून हो गया है तुम लोग (बैठे-बैठे) कैसा फैसला करते हो
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
152आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 152

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Friday, October 2, 2026

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